9 जून, 2026, मालदा
आज "अमार मालदा" प्रमुख ब्रांडिंग पहल के अंतर्गत मालदा के जिलाधिकारी कार्यालय में एक उच्च स्तरीय जिला हितधारक बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य गुणवत्ता संवर्धन, मूल्य संवर्धन तथा रणनीतिक बाजार संपर्कों के माध्यम से मालदा के आमों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करना था।
बैठक की अध्यक्षता मालदा के जिलाधिकारी श्री राजनवीर सिंह कपूर, आईएएस ने की और इसमें आम उत्पादकों, निर्यातकों, एपीईडीए (APEDA) के प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा भाकृअनुप-केवीके (सीआईएसएच), मालदा और क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र (आरआरएस), मालदा के वैज्ञानिकों ने सक्रिय भागीदारी की।
विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य बेहतर उत्पादन पद्धतियों, कटाई उपरांत प्रबंधन, उद्यमिता विकास, निर्यात सुविधा और बाजार विविधीकरण के माध्यम से मालदा के आम पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मूल्य श्रृंखला में परिवर्तित करना था। किसानों के लिए कटाई उपरांत हानियों को कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज इकाइयों और पल्प निष्कर्षण सुविधाओं सहित महत्वपूर्ण अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।

हितधारकों ने लीची जैसी संबद्ध बागवानी फसलों के विपणन संबंधी अवरोधों के समाधान की रणनीतियों पर भी विचार किया तथा क्षेत्र से ताजे फलों के निर्यात अवसरों का विस्तार करने के लिए बागडोगरा के माध्यम से एयर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने पर चर्चा की। उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने और "मालदा मैंगो" की ब्रांड पहचान को मजबूत करने के लिए आम उत्पादन को पर्यटन सर्किट, खुदरा श्रृंखलाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों और डिजिटल विपणन प्रणालियों के साथ एकीकृत करने को एक महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, ने कहा कि "अमार मालदा" पहल प्रभावी नीतिगत अभिसरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आम मूल्य श्रृंखला के क्षेत्रीय स्तर पर परिवर्तन को वास्तविक रूप देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के जिला-नेतृत्व वाले अभिसरण मंच निर्यात संवर्धन, कटाई उपरांत अवसंरचना विकास तथा किसान-केंद्रित मूल्य संवर्धन प्रणालियों से संबंधित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। डॉ. डे ने आगे कहा कि मालदा के आम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए विज्ञान, सुशासन और बाजार-उन्मुख नीतिगत उपायों का एकीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने भाकृअनुप-केवीके (सीआईएसएच), मालदा का दौरा कर क्षेत्रीय स्तर के नवाचारों और जारी तकनीकी हस्तक्षेपों की समीक्षा की। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित डिजिटल बाग पहल की सराहना की, जो आम उत्पादन और प्रबंधन संबंधी परामर्श तक वास्तविक समय में पहुंच उपलब्ध कराती है, और इसे डिजिटल विस्तार एवं किसान संपर्क का एक प्रभावी मॉडल बताया।

जिलाधिकारी ने फल बैगिंग प्रदर्शन इकाइयों का भी निरीक्षण किया और इस हस्तक्षेप के माध्यम से फल की गुणवत्ता, स्वरूप और बाजार मूल्य में हुए उल्लेखनीय सुधारों की सराहना की। उन्होंने हितधारकों की निर्यात तैयारी और बाजार संबंधी जानकारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केवीके द्वारा विकसित प्रकाशन "मालदा मैंगो एक्सपोर्ट कम्युनिकेशन प्लान" का भी लोकार्पण किया।
यह दौरा केवीके परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ, जो सतत विकास और पर्यावरणीय संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक था।
इस कार्यक्रम ने "अमार मालदा" दृष्टि के अंतर्गत नवाचार-आधारित बागवानी विकास को गति देने, मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने तथा आम उत्पादकों के लिए आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में जिला प्रशासन और भाकृअनुप-केवीके (सीआईएसएच), मालदा के बीच मजबूत अभिसरण को रेखांकित किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)







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