9 जून, 2026, इंदौर
डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज भाकृअनुप-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-एनएसआरआई), इंदौर का दौरा किया और सोयाबीन अनुसंधान तथा उससे संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. जाट ने सोयाबीन की उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाने के लिए केन्द्रित अनुसंधान तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कई कार्य बिंदुओं का सुझाव दिया, जिनमें पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक बीज उत्पादन क्षेत्रों की पहचान के लिए बीज उत्पादन स्थलों का मानचित्रण; फसल उत्पादन पर बीज उपचार के प्रभावों का परिमाणीकरण तथा किसानों के खेतों में अपनाई जा रही बीज उपचार पद्धतियों के स्तर के साथ-साथ जैव-एजेंटों के उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति का आकलन; सोयाबीन में उत्पादकता अंतर के लिए उत्तरदायी कारकों की पहचान; सोयाबीन खेती में मशीनीकरण की स्थिति का आकलन; निरंतर सोयाबीन खेती से उत्पन्न मृदा संघनन की मात्रा तथा रोटरी जुताई के मृदा स्वास्थ्य पर प्रभाव का अध्ययन; और सोयाबीन खेती के क्षेत्रों में हो रहे वर्तमान बदलावों की प्रवृत्तियों का विश्लेषण शामिल हैं।

डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप, ने सोयाबीन खेती से संबंधित कई चुनौतियों पर प्रकाश डाला और अनुमानित मांग से अधिक ब्रीडर बीज उत्पादन हासिल करने के लिए संस्थान की सराहना की। हालांकि, उन्होंने समन्वित प्रयासों के माध्यम से किस्मगत असंगति को न्यूनतम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जानकारी दी कि उच्च उत्पादकता वाले बीज संबंधी परियोजना के लिए धनराशि शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी और संस्थान को निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने बजट के प्रभावी उपयोग के लिए संस्थान के व्यय की स्थिति की प्रत्येक माह समीक्षा करने का भी सुझाव दिया।
डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि प्रसार), भाकृअनुप, ने देश में सोयाबीन उत्पादन की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की और सभी सोयाबीन उत्पादक जिलों में उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों के प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

संवाद के दौरान ब्रीडर एवं गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता, सोयाबीन खेती में मशीनों के उपयोग, बीज उपचार तकनीकों तथा खरपतवार प्रबंधन पद्धतियों से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक का समापन डॉ. शिव कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-एनएसआरआई, इंदौर, द्वारा अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर)







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