7 जुलाई, 2026, कोलकाता
भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान (भाकृअनुप-सीआएफई), कोलकाता केन्द्र, में 1 से 7 जुलाई, 2026 के दौरान बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के 30 प्रगतिशील मत्स्य किसानों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार के मत्स्य, डेयरी एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को बायोफ्लॉक, आरएएस, एक्वापोनिक्स, मोती पालन आदि जैसी विभिन्न आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा प्रेरित प्रजनन (इंड्यूस्ड ब्रीडिंग) एवं कार्प पालन, सजावटी मछलियों का प्रजनन एवं पालन, आहार प्रबंधन, रोग प्रबंधन, मृदा एवं जल गुणवत्ता प्रबंधन, मछली प्रसंस्करण आदि महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया।
व्यावहारिक सत्र में भाकृअनुप-सीआईएफई जल परीक्षण किट का उपयोग कर जल गुणवत्ता विश्लेषण, मछली आहार तैयार करना तथा कार्प मछलियों के प्रजनन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए विभिन्न मत्स्य फार्मों का भ्रमण, नैहाटी स्थित मत्स्य बीज बाजार तथा एसएसकेवीके, सोनारपुर स्थित एकीकृत मत्स्य पालन इकाई का भ्रमण भी कराया गया।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद किसान अत्यंत संतुष्ट एवं प्रेरित हुए तथा उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सीखी गई नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने का भी संकल्प व्यक्त किया। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को सीआईएफई पीएच एवं अमोनिया परीक्षण किट तथा प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, कोलकाता केन्द्र)







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