30 मार्च, 2026, कल्याणी
भाकृअनुप-भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा विकसित तथा भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता के माध्यम से पायलट किया गया किसान सारथी 2.0 ऐप के उपयोग पर बैठक-सह-व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आज नदिया कृषि विज्ञान केन्द्र (बीसीकेवी) में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्य, केवीके विशेषज्ञ और जिले के हितधारक एक साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम की शोभा डॉ. ए.के. पात्रा, कुलपति, विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय (बीसीकेवी) और डॉ. पी.के. डे, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कोलकाता, ने बढ़ाई। इस अवसर पर नदिया जिले के विभिन्न एफपीओ के बोर्ड सदस्य भी उपस्थित रहे। नदिया केवीके के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।

डॉ. ए.के. पात्रा ने प्रौद्योगिकी आधारित सलाहकारी सेवाओं की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला और किसानों को स्मार्टफोन आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ऐप अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषि उत्पादकता और स्थिरता में सुधार के लिए अच्छी कृषि पद्धतियों के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने नदिया जिले के एफपीओ द्वारा कृषक समुदाय के सहयोग में सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
डॉ. प्रदीप डे ने किसान सारथी 2.0 को किसान-केन्द्रित प्लेटफॉर्म के रूप में रेखांकित किया, जो प्रश्न प्रस्तुत करने, रियल-टाइम ट्रैकिंग और केवीके से समय पर विशेषज्ञ सलाह प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है तथा इसकी सफलता के लिए किसानों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने इसे मृदा, बाजार और बीमा सेवाओं के एकीकरण के माध्यम से आदिवासी और महिला किसानों के लिए अंतिम छोर की खामियों को पाटने वाली एक समावेशी प्रणाली के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की। डॉ. डे ने दोहराया कि भाकृअनुप-अटारी, कोलकाता कृषि-डिजिटल नवाचार में रियल-टाइम किसान सहायता के परिदृश्य को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. एम.के. सामंत, प्रभारी प्रमुख, नदिया केवीके, ने किसानों की आर्थिक प्रगति बढ़ाने में एफपीओ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और किसान सारथी 2.0 ऐप की किसानों और विशेषज्ञों के बीच एक डिजिटल सेतु के रूप में क्षमता पर जोर दिया।
डॉ. सामंत द्वारा एक लाइव प्रदर्शन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें ऐप के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया, प्रश्न प्रस्तुत करना, ट्रैकिंग तंत्र और विशेषज्ञ सलाह प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रदर्शित की गई। एफपीओ सदस्यों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि ऐप में इनपुट डीलरों और स्थानीय बिचौलियों जैसे पारंपरिक सलाहकारी माध्यमों पर निर्भरता कम करने की क्षमता है। प्रतिभागियों ने इसकी उपयोगिता को और बढ़ाने के लिए समय पर कीटनाशक संबंधी सलाह और मूल्यवर्धित प्रौद्योगिकियों को शामिल करने का भी सुझाव दिया।
किसान सारथी 2.0 प्लेटफॉर्म एक एकीकृत अनुशंसा ढांचे का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका उद्देश्य डिजिटल नवाचार के माध्यम से विस्तार सेवाओं की आपूर्ति में बदलाव लाना है। इसके प्रमुख केन्द्रित क्षेत्रों में मल्टीमीडिया-सक्षम इंटरफेस को मजबूत करना, एआई-संचालित प्रश्न प्रबंधन, सुव्यवस्थित कार्यप्रवाह और मजबूत शासन तंत्र शामिल हैं। प्लेटफॉर्म एक व्यापक ज्ञान भंडार के विकास, विशेषज्ञों की क्षमता निर्माण, मल्टीमीडिया उपकरणों के माध्यम से किसानों की सहभागिता बढ़ाने और राष्ट्रीय कृषि डिजिटल प्रणालियों के साथ समन्वय पर भी जोर देता है।

चरणबद्ध कार्यान्वयन रणनीति के साथ, किसान सारथी 2.0 एक उत्तरदायी, विस्तार योग्य और किसान-केन्द्रित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित होने के लिए तैयार है, जो कृषक समुदाय के लिए समय पर, विश्वसनीय और आवश्यकता-आधारित सलाहकारी सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
कार्यक्रम में 11 एफपीओ के सीईओ, बोर्ड सदस्य, सीबीबीओ प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, पीएसीएस प्रतिनिधि और केवीके विशेषज्ञों सहित कुल 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के योगदान को स्वीकार किया गया और डिजिटल कृषि सलाहकारी सेवाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)







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