27 मार्च, 2026, पंजाब
भकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद, ने पंजाब के बठिंडा जिले के रांपुरा फूल स्थित पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के सहयोग से एससी उप-योजना के तहत ‘सतत डेयरी उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना’ विषय पर चार दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 24–27 मार्च, 2026 तक सीवीएससी, रांपुरा फूल में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ सतत डेयरी पद्धतियों के बारे में उनके ज्ञान को बढ़ाना था। प्रतिभागियों ने सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया और भैंस पालन तथा सतत डेयरी उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के तहत, व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के लिए संगठित डेयरी फार्मों के भ्रमण का भी आयोजन किया गया।
डेयरी फार्मिंग को घरेलू आय बढ़ाने के एक व्यवहार्य माध्यम के रूप में रेखांकित किया गया, क्योंकि इसमें अपेक्षाकृत कम निवेश और आशाजनक आर्थिक लाभ होते हैं। प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध तकनीकी सहायता और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए महाविद्यालय के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रशिक्षुओं को एससी उप-योजना कार्यक्रम के उद्देश्यों और कार्यान्वयन के बारे में भी जागरूक किया गया तथा डेयरी फार्मिंग को सतत आय-सृजन उद्यम के रूप में अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। सत्रों में आजीविका बढ़ाने में डेयरी उत्पादों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में ऐसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया गया।

समापन कार्यक्रम के दौरान, प्रशिक्षुओं को डेयरी आधारित उद्यम शुरू करने में सहायता प्रदान करने के लिए 60 लीटर क्षमता वाली क्रीम सेपरेटर मशीनें, 10 लीटर क्षमता वाले दूध भंडारण कंटेनर और अन्य आवश्यक उपकरण सहित आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)







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