भाकृअनुप-एनबीएआईएम, मऊ ने व्यावसायिक उत्पादन के लिए तीन जैव उर्वरक प्रौद्योगिकियां भूमाइक्रोजेन एग्रीनोकुलेंट्स को की हस्तांतरित

भाकृअनुप-एनबीएआईएम, मऊ ने व्यावसायिक उत्पादन के लिए तीन जैव उर्वरक प्रौद्योगिकियां भूमाइक्रोजेन एग्रीनोकुलेंट्स को की हस्तांतरित

12 अगस्त, 2026, नई दिल्ली

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएआईएम), मऊ, ने तीन जैव उर्वरक प्रौद्योगिकियां—बायोएनपीके (BioNPK), बायोग्रो (BioGrow) और बायोफॉस (BioPhos)—को व्यावसायिक उत्पादन तथा किसानों के बीच व्यापक प्रसार के लिए तेलंगाना स्थित भूमाइक्रोजेन एग्रीनोकुलेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण आज संपन्न हुआ।

इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएआईएम, तथा भूमाइक्रोजेन श्री आकाश मेडिचेरला और श्री नूका राजेश, निदेशक, एग्रीनोकुलेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, के बीच कृषि भवन, नई दिल्ली में किया गया।

इस अवसर पर डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप तथा भाकृअनुप की डॉ. पूनम जसरोतिया, सहायक महानिदेशक (पादप संरक्षण एवं जैव सुरक्षा), भी उपस्थित थीं।

ICAR-NBAIM, Mau Transfers Three Biofertilizer Technologies to BhuMicroGen Agrinoculants for Commercial Production

यह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कृषि सूक्ष्मजीव विज्ञान के क्षेत्र में विकसित वैज्ञानिक नवाचारों को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य सूक्ष्मजीवी समाधानों में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन तीनों प्रौद्योगिकियों से मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पोषक तत्वों के उपयोग दक्षता में वृद्धि तथा सतत फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है।

यह सहयोग किसानों के बीच जैव उर्वरक प्रौद्योगिकियों की व्यापक उपलब्धता तथा अपनाने को भी बढ़ावा देगा, जिससे सतत एवं संसाधन-कुशल कृषि को प्रोत्साहित करने में सूक्ष्मजीवी समाधानों की भूमिका और सुदृढ़ होगी।

यह पहल भाकृअनुप-एनबीएआईएम के उन सतत प्रयासों को रेखांकित करती है, जिनका उद्देश्य अनुसंधान-आधारित प्रौद्योगिकियों का प्रयोगशाला से खेत तक त्वरित हस्तांतरण सुनिश्चित करना तथा सतत कृषि विकास को समर्थन प्रदान करना है।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ)

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