भाकृअनुप-सीएआरआई, बरेली के वैज्ञानिकों को कनाडा में आयोजित विश्व पोल्ट्री कांग्रेस में प्रतिष्ठित डब्ल्यूपीएसए एजुकेशन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया

भाकृअनुप-सीएआरआई, बरेली के वैज्ञानिकों को कनाडा में आयोजित विश्व पोल्ट्री कांग्रेस में प्रतिष्ठित डब्ल्यूपीएसए एजुकेशन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया

14 जुलाई, 2026, बरेली/टोरंटो

भारत तथा वैश्विक पोल्ट्री विज्ञान समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भाकृअनुप–केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), इज्जतनगर, बरेली के वैज्ञानिक डॉ. जयदीप रोकड़े और डॉ. संदीप सरन को 13 से 17 जुलाई, 2026 के दौरान कनाडा के टोरंटो में आयोजित XXVII विश्व पोल्ट्री कांग्रेस (डब्ल्यूपीसी-2026) में प्रतिष्ठित वर्ल्ड्स पोल्ट्री साइंस एसोसिएशन (डब्ल्यूपीएसए) एजुकेशन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया।

15,000 अमेरिकी डॉलर की नकद राशि वाले इस पुरस्कार से उन्हें पोल्ट्री शिक्षा, क्षमता निर्माण, नवाचार तथा वैश्विक स्तर पर पोल्ट्री विज्ञान की उन्नति में उनके असाधारण और निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

ICAR-CARI, Bareilly Scientists Receive Prestigious WPSA Education Award 2026 at World's Poultry Congress in Canada

यह सम्मान भारत और एशिया के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। डॉ. जयदीप रोकड़े और डॉ. संदीप सरन डब्ल्यूपीएसए एजुकेशन अवॉर्ड प्राप्त करने वाले पहले एशियाई वैज्ञानिक बन गए हैं। डॉ. रोकड़े इस पुरस्कार के इतिहास में इसे प्राप्त करने वाले सबसे युवा पशु चिकित्सक भी हैं। यह पुरस्कार पोल्ट्री अनुसंधान और शिक्षा में भारत की उत्कृष्टता को मिल रही वैश्विक मान्यता को रेखांकित करता है।

डॉ. जयदीप रोकड़े और डॉ. संदीप सरन को पोल्ट्री शिक्षा, कृषि-व्यवसाय प्रबंधन, उद्यमिता विकास, नीति निर्माण, प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण तथा मानव संसाधन विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। उनके प्रयासों ने अनुसंधान, शिक्षा, विस्तार तथा उद्योग के बीच संबंधों को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, उद्यमियों तथा नीति-निर्माताओं को लाभ मिला है। उन्होंने अत्याधुनिक अनुसंधान और जमीनी स्तर पर उसके अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करके भारतीय पोल्ट्री क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव डाला है। उनकी सफलता का मूल आधार किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को व्यापक प्रशिक्षण तथा व्यावहारिक तकनीकी सहयोग के माध्यम से सशक्त बनाने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता रही है। उनके विस्तार कार्य ने उद्यमिता और सतत आजीविका को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वर्षों से इन पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों ने नवाचारी शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल शिक्षण पहलों, उद्यमिता विकास कार्यक्रमों, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी प्रसार तथा विस्तार गतिविधियों की शुरुआत की है। उनके संयुक्त प्रयासों से भारत तथा अन्य देशों में हजारों विद्यार्थियों, पोल्ट्री किसानों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण युवाओं, शोधकर्ताओं तथा पोल्ट्री पेशेवरों को सशक्त बनाया गया है।

यह सम्मान केवल भाकृअनुप-सीएआरआई के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप), भारतीय वैज्ञानिक समुदाय तथा पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। यह पोल्ट्री शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा मानव संसाधन विकास में भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को और अधिक सुदृढ़ करता है।

ICAR-CARI, Bareilly Scientists Receive Prestigious WPSA Education Award 2026 at World's Poultry Congress in Canada

डॉ. जगबीर सिंह त्यागी, निदेशक, भाकृअनुप-सीएआरआई, ने इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह पुरस्कार केवल दो वैज्ञानिकों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदायों के कल्याण के प्रति भाकृअनुप–केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता का ठोस प्रमाण है। विशेष रूप से, पिछले पाँच वर्षों के दौरान किसानों और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए डॉ. रोकड़े और डॉ. संदीप सरन ने जिस समर्पण और अथक प्रयास के साथ कार्य किया है, उसी का परिणाम यह प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान है। इस सम्मान ने पूरे वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल बढ़ाया है और हम सभी को यह विश्वास दिलाते हुए प्रेरित किया है कि हमारे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

डब्ल्यूपीएसए एजुकेशन अवॉर्ड पोल्ट्री विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में से एक है और यह उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वैश्विक प्रभाव के साथ पोल्ट्री शिक्षा में उत्कृष्ट और निरंतर योगदान दिया हो।

पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके सहयोगियों तथा पोल्ट्री समुदाय के सदस्यों ने इस सम्मान को वैज्ञानिकों, शिक्षकों तथा उद्यमियों की अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया, जो विश्वभर में सतत पोल्ट्री उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली)

×