भाकृअनुप–सीआईसीआर, नागपुर में स्थापना का स्वर्ण जयंती दिवस समारोह का आयोजन

भाकृअनुप–सीआईसीआर, नागपुर में स्थापना का स्वर्ण जयंती दिवस समारोह का आयोजन

1 अप्रैल, 2026, नागपुर

भाकृअनुप-केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर, ने आज बड़े उत्साह के साथ अपना स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस मनाया, जो भारत के कपास क्षेत्र में 50 वर्षों की समर्पित सेवा और वैज्ञानिक योगदान का प्रतीक है। वर्ष 1976 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, के तत्वावधान में स्थापित इस संस्थान ने देशभर के कपास किसानों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्य अतिथि डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने कपास अनुसंधान को “प्लांट टाइप कॉन्सेप्ट” की ओर पुनः उन्मुख करने का सुझाव दिया तथा उच्च उत्पादकता और जलवायु सहनशील कपास किस्मों के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका पर पुनर्विचार करने पर जोर दिया।

Golden Jubilee Foundation Day Celebration at ICAR-CICR, Nagpur

इस समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. सी.डी. माई, पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड; डॉ. एस.के. चौधरी, महानिदेशक, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया; डॉ. पी.के. दाश, सहायक महानिदेशक (सीसी), भाकृअनुप; डॉ. एस.के. प्रधान, सहायक महानिदेशक (एफएफसी), महानिदेशक; डॉ. दिलीप घोष, निदेशक, महानिदेशक-केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, नागपुर; डॉ. एन.जी. पाटिल, निदेशक, महानिदेशक-राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग योजना ब्यूरो, नागपुर; डॉ. एस. के. शुक्ला, डायरेक्टर, भाकृअनुप-सिरकॉट, मुंबई; और दूसरे सीनियर अधिकारी शामिल थे।

अपने विचार रखते हुए डॉ. सी.डी. मयी ने कृषि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, विशेषकर नाइट्रोजन एवं फॉस्फेट उर्वरकों की उपलब्धता पर प्रकाश डाला और वैज्ञानिकों एवं किसानों को आगामी फसल मौसम के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। डॉ. एस.के. चौधरी ने कपास क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और अवसरों पर जोर दिया, जबकि डॉ. एस.के. प्रधान और डॉ. पी.के. दाश ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर संस्थान को बधाई दी।

डॉ. वी.एन. वाघमारे, निदेशक, भाकृअनुप–सीआईसीआर ने अतिथियों का स्वागत किया और पिछले पांच दशकों की संस्थान की उल्लेखनीय यात्रा और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। इस दौरान संस्थान ने फसल सुधार, फसल संरक्षण, कृषि विज्ञान (एग्रोनॉमी), जैव प्रौद्योगिकी, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तथा जलवायु सहनशील कपास उत्पादन तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Golden Jubilee Foundation Day Celebration at ICAR-CICR, Nagpur

इस अवसर पर भाकृअनुप–सीआईसीआर के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विभिन्न प्रकाशनों एवं ज्ञान संसाधनों का विमोचन किया गया। इनमें तकनीकी बुलेटिन, पुस्तकें, समाचार पत्रिकाएं, हिंदी प्रकाशन और सफलता की कहानियां शामिल थीं। साथ ही कपास अनुसंधान, परामर्श सेवाओं और तकनीक के प्रसार को सुदृढ़ करने हेतु डिजिटल तकनीकी उपकरणों का भी शुभारंभ किया गया। संस्थान द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को “सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

इस समारोह में देशभर से कपास पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों, बीज उद्योग के प्रतिनिधियों, संस्थान के पूर्व निदेशकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, तथा बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रशासनिक एवं संविदा कर्मियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देश के विभिन्न कपास उत्पादक क्षेत्रों से आए शोधकर्ताओं और हितधारकों ने व्याख्यानों और पैनल चर्चाओं में भाग लेकर इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय कपास अनुसंधान समुदाय का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया। भाकृअनुप–सीआईसीआर के विकास और वैज्ञानिक उन्नति के नए चरण में प्रवेश के साथ, स्वर्ण जयंती समारोह ने सतत कपास उत्पादन, जलवायु सहनशील कृषि और वैश्विक कपास अनुसंधान में भारत की अग्रणी भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए भविष्य की रणनीतियों को रेखांकित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर)

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