भाकृअनुप-एनबीएआईएम, मऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा सतत कृषि के लिए सूक्ष्मजीवी प्रौद्योगिकियों पर किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-एनबीएआईएम, मऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा सतत कृषि के लिए सूक्ष्मजीवी प्रौद्योगिकियों पर किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

12 जून, 2026, मऊ, उत्तर प्रदेश

देशव्यापी खेत बचाओ अभियान 2026 के अंतर्गत भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (भाकृअनुप–एनबीएआईएम), मऊ, उत्तर प्रदेश, ने आज उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के परदाहा ब्लॉक के अम्बेडकर नगर गांव में किसान जागरूकता एवं प्रसार कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच सतत कृषि में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान भाकृअनुप-एनबीएआईएम के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने कृषि के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीवों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये सूक्ष्मजीव पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने, मृदा उर्वरता में सुधार करने, पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागियों को पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने में सूक्ष्मजीवी प्रौद्योगिकियों की भूमिका के प्रति भी जागरूक किया गया।

ICAR-NBAIM, Mau, Uttar Pradesh Organises Farmer Awareness Programme on Microbial Technologies for Sustainable Agriculture

प्रसार गतिविधि के अंतर्गत किसानों को भाकृअनुप-एनबीएआईएम द्वारा विकसित सूक्ष्मजीवी जैव-उत्पाद बायो-फॉस प्रदान किया गया। वैज्ञानिकों ने इसके उपयोग की विधि तथा फसल उत्पादन में इसके लाभों की जानकारी दी। बायो-फॉस में फॉस्फेट-घुलनशील सूक्ष्मजीव होते हैं, जो मृदा में उपस्थित अघुलनशील फॉस्फोरस को पौधों के लिए आसानी से उपलब्ध रूपों में परिवर्तित करने में सहायता करते हैं, जिससे पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार होता है और बेहतर फसल वृद्धि को समर्थन मिलता है।

कार्यक्रम में 32 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें 28 पुरुष किसान और 4 महिला किसान शामिल थीं। किसानों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए मृदा उर्वरता, फसल प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि महत्त्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ, उत्तर प्रदेश)

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