भाकृअनुप-सिरकॉट, मुंबई में उद्योग जगत एवं शिक्षाविदों के बीच परामर्श बैठक का आयोजन

भाकृअनुप-सिरकॉट, मुंबई में उद्योग जगत एवं शिक्षाविदों के बीच परामर्श बैठक का आयोजन

23 जनवरी, 2026, मुंबई

भाकृअनुप-केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई, ने ऑल इंडिया कॉटन सीड क्रशर्स एसोसिएशन (एआईसीओएससीए), मुंबई, के सहयोग से “कपास बीज वैल्यू चेन: प्रसंस्करण तथा उप-उत्पाद के इस्तेमाल में नवाचार” विषय पर एक उद्योग जगत एवं शिक्षाविदों के बीच परामर्श बैठक का आयोजन किया।

उद्घाटन संबोधन देते हुए, डॉ. एस.के. शुक्ला, निदेशक, भाकृअनुप-सिरकॉट, ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी तकनीकी नवाचार की असली सफलता हितधारकों द्वारा उसे अपनाने में निहित है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उद्योग-सापेक्ष अनुसंधान ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वैज्ञानिक प्रगति किसानों एवं कपास बीज प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए ठोस लाभ में बदल सके।

Industry–Academia Consultative Meet Organized at ICAR-CIRCOT, Mumbai

डॉ. संदीप बाजोरिया, अध्यक्ष, एआईसीओएससीए, ने इंडस्ट्री के साथ इंस्टीट्यूट की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और रिसर्च प्राथमिकताओं को औद्योगिक जरूरतों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कपास बीज सेक्टर का आधुनिकीकरण करने एवं रिसर्च परिणामों की व्यावसायिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए ऐसे सहयोगात्मक प्रयास आवश्यक है।

परामर्श बैठक में मुख्य विषयगत क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिसमें किसानों की आय तथा उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) का लाभ उठाना, वैज्ञानिक कपास बीज प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर लागू करना तथा कम लागत वाले, ऊर्जा-कुशल डीलिंटिंग समाधान विकसित करना शामिल है। चर्चाओं में जिन महत्वपूर्ण चुनौतियों पर बात की गई, इनमें जिनिंग एवं पैकेजिंग के दौरान कपास बीज में प्लास्टिक संदूषण, और डी-ऑयल किए गए कपास बीज केक की व्यावसायिक व्यवहार्यता में सुधार हेतु प्रोटीन बढ़ाने की तकनीकों का परिष्करण शामिल था।

Industry–Academia Consultative Meet Organized at ICAR-CIRCOT, MumbaiIndustry–Academia Consultative Meet Organized at ICAR-CIRCOT, Mumbai

उद्योग जगत हितधारक से मिले इनपुट एवं सिफारिशों को इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा सावधानीपूर्वक प्रलेखित किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्यावहारिक चुनौतियों एवं बाजार की जरूरतों को भविष्य के रिसर्च कार्यक्रमों में प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सके।

इस फोरम में कपास बीज वैल्यू चेन के 20 प्रमुख इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे अकादमिक रिसर्च तथा व्यावसायिक अनुप्रयोगों के बीच की खाई को पाटने के प्रयासों को मजबूती मिली।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई)

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