भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद, ने कुरनूल, आंध्र प्रदेश में अल नीनो घटना-आधारित कृषि आकस्मिक योजना कार्यान्वयन शुभारंभ कार्यशाला का किया आयोजन

भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद, ने कुरनूल, आंध्र प्रदेश में अल नीनो घटना-आधारित कृषि आकस्मिक योजना कार्यान्वयन शुभारंभ कार्यशाला का किया आयोजन

18 अगस्त 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (भाकृअनुप-नार्म), हैदराबाद ने आज केवीके, बनवासी, कुरनूल, आंध्र प्रदेश, में अल नीनो घटना-आधारित कृषि आकस्मिक योजना कार्यान्वयन शुभारंभ कार्यशाला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य कुरनूल जिले में कृषि और कृषक समुदाय की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर अल नीनो घटना के कारण होने वाले प्रभावों को कम करने की दिशा में आकस्मिक योजना के कार्यान्वयन का नेतृत्व करना था।

डॉ. गोपाल लाल,संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप-नार्म ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए उत्तरदायी और पर्याप्त आकस्मिक उपायों के माध्यम से वर्ष 2026 की अल नीनो घटना से गंभीर रूप से प्रभावित कुरनूल के किसानों की आजीविका को समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भाकृअनुप-नार्म की टीम और केवीके, बनवासी की टीम द्वारा की गई सक्रिय पहलों की भी सराहना की।

आकस्मिक उपायों की योजना बनाने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली के साथ-साथ वर्ष 2026 के अल नीनो की संभावित गंभीरता के बारे में बताया गया। ऐसी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयारियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अल नीनो से प्रभावित स्थिति के दौरान कुरनूल जिले में किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया गया, साथ ही किसानों की आजीविका को समर्थन देने के लिए दूर किए जाने वाले मौजूदा अंतराल को भी उजागर किया गया।

कार्यशाला में भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद; भाकृअनुप-आईआईओआऱ, हैदराबाद; भाकृअनुप-आईआईओपीआर, हैदराबाद; एएनजीआरएयू, तिरुपति; डॉ. वाईएसआरएचयू, वेंकटरामनगुडेम; एसवीवीयू, तिरुपति; कृषि और बागवानी विभाग; एनएचआरडीएफ, नई दिल्ली तथा केवीके के पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाले वैज्ञानिकों और विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने किसानों के लाभ के लिए अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आकस्मिक योजना की रणनीतियों को साझा किया।

प्रारंभ में, डॉ. गोपाल लाल ने इनपुट एजेंसियों की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें 11 इनपुट एजेंसियों ने भाग लिया था। यह प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर कुरनूल जिले के 400 किसानों के लाभ के लिए लगाई गई थी, जिन्होंने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)

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