भाकृअनुप–केवीके नामसाई में मशरूम स्पॉन प्रयोगशाला का उद्घाटन, स्थानीय आजीविका को मिलेगा सशक्त आधार

भाकृअनुप–केवीके नामसाई में मशरूम स्पॉन प्रयोगशाला का उद्घाटन, स्थानीय आजीविका को मिलेगा सशक्त आधार

2 अप्रैल, 2026, नामसाई, अरुणाचल प्रदेश

भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र नामसाई ने कृषि आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लाथाओ सर्किल के जुना-IV गांव में अत्याधुनिक मशरूम स्पॉन उत्पादन प्रयोगशाला की स्थापना की है। यह सुविधा भाकृअनुप ICAR उत्तर पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर द्वारा जनजातीय उपयोजना (टीएसपी) के अंतर्गत वित्तीय सहयोग से विकसित की गई है।

Mushroom Spawn Laboratory Inaugurated in ICAR-KVK Namsai to Strengthen Local Livelihoods

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रयोगशाला की स्थापना से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मशरूम स्पॉन की समय पर उपलब्धता की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इससे किसान स्थानीय स्तर पर विश्वसनीय और किफायती इनपुट प्राप्त कर सकेंगे, जिससे बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, उन्होंने 4–5 निकटवर्ती गांवों का मशरूम उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की रणनीति भी साझा की, जिससे उत्पादन के पैमाने और स्थिरता में वृद्धि होगी।

स्थानीय कृषि अधिकारियों, जिनमें चोंगखाम के जिला उद्यानिकी अधिकारी (डीएचओ) और लाथाओ के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) शामिल थे, ने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्पॉन की बढ़ती मांग पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय युवाओं को केवीके की पहलों से जुड़ने और देशभर के आईसीएआर संस्थानों में मशरूम उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन के उन्नत प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का समापन चाउ लाचित थमौंग, एक प्रगतिशील किसान, द्वारा प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिन्हें केवीके के मार्गदर्शन में प्रयोगशाला संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने में सहयोग देने, उत्पादकता बढ़ाने, सतत आजीविका सृजन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

Mushroom Spawn Laboratory Inaugurated in ICAR-KVK Namsai to Strengthen Local Livelihoods

मशरूम स्पॉन प्रयोगशाला की स्थापना वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और क्षेत्र में समावेशी विकास को गति देने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है।

उद्घाटन समारोह में गांव के मुखियाओं तथा जुना-IV, जुना कुली और जुना कछारी गांवों के लगभग 65 किसानों ने भाग लिया, जो वैज्ञानिक मशरूम उत्पादन के प्रति समुदाय की मजबूत भागीदारी और रुचि को दर्शाता है।

(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र, नामसाई)

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