‘भारत में स्वाइन रोगों के वर्तमान परिप्रेक्ष्य और इसके प्रबंधन पद्धतियों" पर राष्ट्रीय ई-कार्यशाला-सह-वेबिनार का हुआ आयोजन

11-12 जनवरी, 2021, गुवाहाटी

भाकृअनुप-राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केंद्र, गुवाहाटी, असम और इंडियन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ वेटरनरी रिसर्च सोसायटी ने संयुक्त रूप से 11 से 12 जनवरी, 2021 तक ‘भारत में स्वाइन रोगों के वर्तमान परिप्रेक्ष्य और इसके प्रबंधन पद्धतियों" पर राष्ट्रीय ई-कार्यशाला-सह-वेबिनार का आयोजन किया।

National e-Workshop-cum-Webinar on “Current Perspective of Swine Diseases in India and its Management Practices”  National e-Workshop-cum-Webinar on “Current Perspective of Swine Diseases in India and its Management Practices”

डॉ. बी. एन. त्रिपाठी, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), भाकृअनुप ने अपने उद्घाटन भाषण में देश में शूकर उत्पादन प्रणाली के महत्त्व पर जोर दिया। डॉ. त्रिपाठी ने बहुसंयोजक टीकों के विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया। 

डॉ. के. एम. बुजरबरुआ, पूर्व कुलपति, एएयू और उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), भाकृअनुप ने बतौर सम्मानित अतिथि भारत में सीमा-पार और जूनोटिक बीमारियों को रोकने के लिए रणनीतियों को रेखांकित किया।

डॉ. अशोक कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक, (एएच), भाकृअनुप ने उत्पादन प्रणाली में बैक्टीरियल, वायरल और परजीवी सहित सूअरों के संक्रामक रोगों के महत्त्व पर जोर दिया।

डॉ. स्वराज राजखोवा, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केंद्र, गुवाहाटी, असम ने कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की।

शूकर स्वास्थ्य के विशेषज्ञों ने शूकर-उत्पादन को प्रभावित करने वाले विभिन्न महत्त्वपूर्ण रोगजनकों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

देश भर के फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित 250 से अधिक प्रतिभागियों ने आभासी तौर पर वेबिनार में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केंद्र, गुवाहाटी, असम)