‘भारतीय सजावटी मत्स्यपालन 2.0 - आगे की राह’ पर राष्ट्रीय आभासी परामर्श का हुआ आयोजन

22-24 अप्रैल, 2021

भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा ने मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, नई दिल्ली और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के साथ मिलकर 22 से 24 अप्रैल, 2021 तक ‘भारतीय सजावटी मत्स्यपालन 2.0 - आगे की राह’ पर राष्ट्रीय आभासी परामर्श का आयोजन किया।

National Virtual Consultation on “Indian Ornamental Fisheries 2.0 - The Way Forward” organized

श्री प्रताप चंद्र सारंगी, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी और लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, भारत सरकार ने अपने उद्घाटन भाषण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक्वेरियम के स्वदेशी निर्माण और सहायक उपकरण लगाने का आग्रह किया। उन्होंने देश में सजावटी मत्स्यपालन क्षेत्र को विकसित करने तथा सजावटी मछली के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक्वेरियम के शौक को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

श्री अतुल चतुर्वेदी, आईएएस, सचिव, मत्स्य विभाग, पशुपालन और डेयरी, भारत सरकार; डॉ. सी. सुवर्णा, आईएफएस, सीईओ, एनएफडीबी, हैदराबाद; डॉ. जे. के. जेना, उप महानिदेशक, (मत्स्य विज्ञान), भाकृअनुप सहित भारत सरकार के विभिन्न विभागों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और भाकृअनुप-संस्थानों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में आभासी तौर पर भाग लिया।

विभिन्न विषयगत क्षेत्र जैसे घरेलू सजावटी मछली उत्पादन को बढ़ाने तथा विपणन की बाधाओं को दूर करने, एक्वैरियम के निर्माण, गुणवत्तापूर्ण आहार, दवाईयों और जलीय संयंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने, सजावटी मछली एवं शौक संवर्धन के घरेलू खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने और सजावटी मछली के निर्यात व आयात के मुद्दों को बढ़ावा देने जैसी विषयों पर कार्यक्रम के दौरान चर्चा की गई।

प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित लगभग 32 हितधारकों ने भी कार्यक्रम में अपनी राय साझा की।

इस आयोजन में 2,000 से अधिक अन्य हितधारकों द्वारा कुल भागीदारी दर्ज की गई।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)