सिफरी ने “स्वाधीनता के 75 वर्षों में भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास” पर हिन्दी संगोष्ठी का किया आयोजन

29 - 30 जुलाई, 2022, बैरकपुर

भाकृअनुप-केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी), कोलकाता तथा भारतीय विज्ञान कांग्रेस, कोलकाता के समन्वित प्रयास से सिफरी मुख्यालय, बैरकपुर, कोलकाता में दिनांक 29 - 30 जुलाई तक एक हिन्दी संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसका विषय था- “स्वाधीनता के 75 वर्षों में भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास”। यह संगोष्ठी आज़ादी का अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य, देश में विगत 75 वर्षों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास को दर्शाना तथा अंतर्स्थलीय मत्स्य पालन क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान एवं विकास योजनाओं और प्रौद्योगिकियों पर प्रकाश डालना था। इस संगोष्ठी का उद्घाटन दिनांक 29 जुलाई, 2022 को सिफरी मुख्यालय, बैरकपुर में किया गया।

सिफरी ने “स्वाधीनता के 75 वर्षों में भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास” पर हिन्दी संगोष्ठी का किया आयोजन  सिफरी ने “स्वाधीनता के 75 वर्षों में भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास” पर हिन्दी संगोष्ठी का किया आयोजन

इस समारोह की मुख्य अतिथि, डॉ. (श्रीमती) विजयलक्ष्मी सक्सेना, महाध्यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस, कोलकाता ने अपने सम्बोधन में सिफरी के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जुड़ाव इस संस्थान से लंबे समय से है।

सम्मानित अतिथि, डॉ. अशोक कुमार सक्सेना, पूर्व महाध्यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस, कोलकाता, ने अपने संबोधन में सिफरी के हिन्दी गतिविधियों और उपलब्धियों की सराहना की।

संस्थान के निदेशक, डॉ. बसंत कुमार दास ने पारंपरिक कृषि पर एक व्याख्यान दिया।

श्री कामाख्या नारायण सिंह, सहायक निदेशक (राज भाषा), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली ने हिन्दी, विज्ञान और दर्शन शास्त्र के बीच के सामंजस्य पर एक प्रस्तुति दी।

श्री प्रियंकर पालीवाल, सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोलकाता (कार्यालय-2), भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, कोलकाता ने विज्ञान एवं हिन्दी पर व्याख्यान दिया।

इसी क्रम में, श्रद्धेय स्वामी विश्वमयानन्द जी महाराज, रामकृष्ण मिशन, सारगाछी, मुर्शिदाबाद ने विज्ञान एवं भारतीय दर्शन शास्त्र पर एक व्याख्यान दिया।

डॉ. एम.ए. हसन, प्रभाग अध्यक्ष, सिफरी ने संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

श्री राजेश कुमार साव, उप-प्रबंधक (राजभाषा), कोल इंडिया लिमिटेड, कोलकाता ने आजादी 75 वर्षों में वैज्ञानिक क्षेत्र में विकास पर प्रकाश डाला।

उद्घाटन समारोह में, डॉ यू के सरकार, प्रभाग अध्यक्ष, सिफरी, बैरकपुर ने अतिथियों का स्वागत किया।

इस संगोष्ठी में, दो प्रतियोगितायें – निबंध तथा आशु भाषण आयोजित की गई, जिसमें सिफरी, भारतीय विज्ञान कांग्रेस के साथ-साथ अनेक कार्यालयों ने भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।

यह संगोष्ठी, सिफरी के निदेशक, डॉ. बसंत कुमार दास के मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान कांग्रेस, और सिफरी द्वारा सम्पन्न किया गया।

समारोह के अंत में, डॉ. अतुल कुमार, कार्यकारी सचिव, भारतीय विज्ञान कांग्रेस, कोलकाता तथा डा. श्रीकांत सामंता, प्रधान वैज्ञानिक एवं सर्वकार्यभारी, हिन्दी कक्ष, सिफरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस संगोष्ठी में भारतीय विज्ञान कांग्रेस, कोलकाता; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली; नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), कोलकाता (कार्यालय-2); कोल इंडिया लिमिटेड जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के गणमान्य उच्च अधिकारीगण, वैज्ञानिक एवं शोध छात्रों ने भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)