सचिव, मत्स्य विभाग ने किया भाकृअनुप-सीआईएफटी, कोचीन का दौरा

4 अप्रैल, 2019, कोचीन

श्रीमती रजनी सेखरी सिबल, आईएएस, सचिव, मत्स्य विभाग, भारत सरकार ने आज भाकृअनुप-केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोचीन का दौरा किया। सिब्बल अपनी तीन दिन की कोचीन यात्रा पर थीं।

Secretary, Department of Fisheries visits ICAR-CIFT, Cochin  Secretary, Department of Fisheries visits ICAR-CIFT, Cochin

 

श्रीमती रजनी सेखरी सिबल ने संस्थान की अलग-अलग एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं, एफएसएसएआई (FSSAI) लैब, नेट मेंडिंग वर्कशॉप, इंजीनियरिंग वर्कशॉप और बीपीडी (BPD) यूनिट आदि का दौरा किया। सचिव ने संस्थान के प्रौद्योगिकियों की भी सराहना की। श्रीमती सिब्बल ने देश भर में व्यापक पैमाने पर विभिन्न मत्स्यपालन हितधारकों को प्रौद्योगिकियों का प्रसार करने के लिए उपज और उपज के बाद की विशेष कार्यशालाओं के संगठन पर जोर दिया।

सचिव ने सी फूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ केरल (समुद्री खाद्य निर्यातक संघ, केरल) के सदस्यों के साथ समुद्री खाद्य व्यापार की स्थिति, इसकी समस्याओं और अवसरों के बारे में भी चर्चा की।

श्री के. एस. श्रीनिवास, आईएएस, अध्यक्ष, एमपीईडीए; श्री एलेक्स निनन, अध्यक्ष, सीफूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (केरल क्षेत्र) के साथ-साथ केरल के 30 से अधिक समुद्री खाद्य निर्यातकों ने बैठक में भाग लिया।

डॉ. रविशंकर, सी. एन., निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएफटी ने मत्स्य पालन में फसल की कटाई और कटाई के बाद अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की भूमिकाओं और उपलब्धियों को रेखांकित किया। निदेशक ने पिछले छह दशकों से विभिन्न राज्यों के मत्स्य पालन विभागों, अनुसंधान और विकास संगठनों, जैसे एनआईपीएचएटी (NIPHAT), सीआईएफएनईटी (CIFNET), एमपीईडीए (MPEDA), एनएफडीबी (NFDB), ईआईए (EIA) और एफएसएसएआई (FSSAI) आदि के साथ संस्थान के कामकाज को रेखांकित किया।

डॉ. रविशंकर ने मछली और मछली उत्पादों के क्षेत्र में एफएसएसएआई  द्वारा मान्यता प्राप्त “नेशनल रेफरल एंड रेफेरेंस प्रयोगशाला” और ताजा मछली आदि में फॉर्मल्डेहाइड और अमोनिया की मिलावट का तेजी से पता लगाने वाली किट जिसे व्यावसायिक तौर पर 'सिफटेस्ट किट' के रूप में जाना जाता है, के प्रभावों और संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोचीन)