श्री राधा मोहन सिंह और श्री योगी आदित्यनाथ ने किया पूर्वांचल किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन

3 मार्च, 2019, गोरखपुर

श्री राधा मोहन सिंह, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री और श्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ने महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित पूर्वांचल किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी का आज गोरखपुर में संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।

Shri Radha Mohan Singh & Shri Yogi Adityanath inaugurates Poorwanchal Kisan Mela and Krishi Pradarshani  Shri Radha Mohan Singh & Shri Yogi Adityanath inaugurates Poorwanchal Kisan Mela and Krishi Pradarshani

किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी का आयोजन 02 से 03 मार्च, 2019 तक भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), कानपुर, उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया गया था।

गणमान्य व्यक्तियों द्वारा महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, गोरखपुर के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया गया।

श्री राधा मोहन सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर अपने उद्घाटन संबोधन में किसानों से केंद्र सरकार द्वारा घोषित की जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित होने का आग्रह किया। जलवायु को ध्यान में रखते हुए, मंत्री ने फसल के नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए इंटरक्रोपिंग (अंतर-फसल) और मिश्रित फसल प्रणाली को बढ़ावा देने का आग्रह किया। श्री सिंह ने पशु पालन और जैविक खेती के लिए भी आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि संरक्षित खेती तकनीक छोटे धारकों के लिए ऑफ-सीजन सब्जियाँ उगाने और कृषि से उत्पन्न आय को अधिकतम करने के लिए वरदान साबित हो सकती है। उन्होंने प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य विशेषताओं के बारे में भी जानकारी दी।

श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र जिला स्तर पर अभिनव संस्थान हैं। इसलिए जिले के किसानों की बड़ी संख्या के लिए इसके लाभ को बढ़ाने की जरूरत है। किसानों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्तर पर बड़ी संख्या में जागरूकता अभियान आयोजित करने पर बल दिया। श्री योगी ने किसानों से आग्रह किया कि उत्थान के उद्देश्य से प्रेरित और किसानों की आय में कम से कम दो गुना वृद्धि करने वाली विभिन्न लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित हों।

श्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि, कृषि शिक्षा और अनुसंधान मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने बल देकर कहा कि जो किसान बेहतर कृषि प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें उत्पादन में वृद्धि मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसानों को पारिश्रमिक मूल्य में कमी के कारण उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में हतोत्साहित होना पड़ता है। मंत्री ने विपणन सुविधाओं की व्यवस्था, इनपुट खरीद और संबंधित रसद सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर अंतर-विभाग और संस्थागत अभिसरण पर जोर दिया।

श्री फतेह बहादुर सिंह, विधानसभा सदस्य ने किसान मेले की भूमिका को रेखांकित किया और किसानों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

डॉ. ए. के. सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) ने किसानों, किसान-महिलाओं और अन्य हितधारकों के स्थान विशिष्ट प्रौद्योगिकियों और क्षमता निर्माण को प्रदर्शित करने और लोकप्रिय बनाने में कृषि विज्ञान केंद्रों के महत्त्वपूर्ण भूमिकाओं की जानकारी दी। डॉ. सिंह ने फसल के रोटेशन की भी वकालत की, जिसमें स्थायी आधार पर दालों, खादों के अलावा अन्य सूक्ष्म/स्थूल (मैक्रो/माइक्रो) पोषक तत्व भी शामिल हैं।

डॉ. अतर सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कानपुर ने प्रभावी समन्वय के लिए कृषि विज्ञान केंद्र टीम की सराहना की। उन्होंने सबसे आसान तरीके से जिले में उनकी दृश्यता सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर)