शून्य गैर-विवरणीय एएनजीआर पर 5 वीं राज्य आधारित इंटरफेस सम्मेलन आयोजित

नवंबर16, 2021, करनाल

भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो, करनाल, हरियाणा ने शून्य गैर-विवरणीय एएनजीआर मुहिम के बारे में 5वीं राज्य आधारित इंटरफेस सम्मेलन का आयोजन आज राजस्थान में किया। यह सम्मेलन “ पशुओं के अनुवांशिक संशाधनों के चित्रण और प्रलेखन आयोजनः शून्य गैर-विवरणीय जनसंख्या के बारे में मुहिम” की विषय-वस्तु पर आधारित थी।

5th State-specific Interface Meet for “Mission towards Zero Non-Descript AnGR of India” organized

डॉ. एन. एस. राठौर, उप-कुलपति, महाराणाप्रताप कृषि एवं तकनीक विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान एवं पूर्व उप-महानिदेशक (कृषि शिक्षा)  ने कहा कि भाकृअनुप ने राज्य में पशुधन नस्लों की सशक्त रुप-रेखा तैयार की है। उन्होंने राज्य में गैर-वर्णित पशुधन को पंजीकृत कराने का आग्रह किया।

डॉ. एस. के. गर्ग, उप-कुलपति, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर, राजस्थान ने विभिन्न संस्शानों द्वारा एएनजीआर के प्रलेखन के लिए महत्वपर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।

वी.के. सक्सेना, अतिरिक्त महानिदेशक (एपी एंड बी), भाकृअनुप ने प्रलेखन उद्देश्यों के लिए लक्षित क्षेत्रों और आबादी की पहचान करने की उपयुक्त रणनीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्थानीय, राज्य एवं राष्ट्रीय एजेंसियों एक बड़ा समूह बनाने के साथ-साथ सहयोग और सहकार्यता की भी सराहना की।

डॉ. बी.पी. मिश्रा, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएजीआर, करनाल ने स्वागत सम्बोधन में ब्यूरो की गतिविधियों को रेखांकित किया और जीरो गैर-विवरणीय एएनजीआर मुहिम के तहत देश में गैर-विवरणीय जनसंख्या के प्रलेखन के लिए रणनीति प्रदान की।

भाकृअनुप एवं इसके संस्थानों से कुल 102 प्रतिभागीयों के साथ-साथ महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर, राजस्थान और पशुपालन विभाग, राजस्थान सरकार ने बैठक में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय पशु आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो, करनाल, हरियाणा)