मूंगफली पर एआईसीआरपी की वर्चुअल वार्षिक समूह बैठक आयोजित

25 – 26 अप्रैल, 2022, जूनागढ़

मूंगफली पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की वर्चुअल वार्षिक समूह बैठक (एजीएम) 25 से 26 अप्रैल, 2022 तक आयोजित की गई।

Virtual Annual Group Meeting of AICRP on Groundnut organized  Virtual Annual Group Meeting of AICRP on Groundnut organized

डॉ. तिलक राज शर्मा, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने मूंगफली के आनुवांशिक आधार को व्यापक बनाने के लिए पूर्व-प्रजनन पर जोर देने का आग्रह किया। डीडीजी ने आधुनिक दृष्टिकोण जैसे स्पीड ब्रीडिंग, प्रमुख जैविक एवं अजैविक तनाव के लिए क्यूटीएल मैपिंग, जीनोम वाइड एसोसिएशन मैपिंग टूल, सूखा सहिष्णुता के लिए जीनोम एडिटिंग टूल का उपयोग और एफ्लाटॉक्सिन संदूषण को संबोधित करने के लिए आरएनएआई तकनीक आदि के माध्यम से प्रजनन कार्यक्रम को मजबूत करने का भी आग्रह किया। डॉ. शर्मा ने कहा उभरती बीमारियों और कीटनाशकों पर सर्वे कराने की जरुरत है जिससे कीटों के विभिन्न प्रजातियों के प्रकोप का अध्ययन किया जा सके।

डॉ. संजीव गुप्ता, एडीजी (ओ एंड पी), भाकृअनुप ने मूल्यांकन और पहचान के लिए उन्नत किस्मों के परीक्षणों में प्रविष्टियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों के लिए एक समिति गठित करने का आग्रह किया। डॉ गुप्ता ने कहा कि विशेष जर्मप्लाज्म जो 3 वर्षों तक किसी खास लक्षण को अनवरत प्रदर्शित करता है उस जर्मप्राल्म को संस्थान द्वारा या कृत्रिम पार्यावरणीय स्थिति में पंजीकृत करने की जरुरत है।

डॉ. एन.के. गोंटिया, कुलपति, जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय, जूनागढ़, गुजरात ने पूर्ण सत्र के दौरान मूंगफली पर एआईसीआरपी में किए गए प्रयासों और पिछले वर्ष के दौरान उपलब्धियों की सराहना की। डॉ. गोंटिया ने मूंगफली की खेती में मशीनीकरण का कार्यान्वयन, विशेष रूप से कीट और रोगों की निगरानी में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने का सुझाव भी दिया था।

डॉ. सी.एस. प्रहराज, निदेशक, भाकृअनुप-मूंगफली अनुसंधान निदेशालय, जूनागढ़, गुजरात ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए रबी-ग्रीष्म - 2020-21 और खरीफ - 2021 के दौरान किए गए मूंगफली कार्यक्रम पर एआईसीआरपी की मुख्य बातों को रेखांकित किया।

मूंगफली अनुसंधान एवं विकास में शामिल सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 150 प्रतिभागियों ने बैठक में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-मूंगफली अनुसंधान निदेशालय, जूनागढ़, गुजरात)