मिथुन खेती को बढ़ावा देने के लिए भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र और मिज़ोरम सरकार के बीच हुआ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

3 जून, 2019, मेडज़िपेमा, दीमापुर, नागालैंड

पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग, मिज़ोरम सरकार और भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र, मेडज़िपेमा, दीमापुर, नागालैंड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। समझौता ज्ञापन पर श्री लल्थांगपुइया सेलो, आयुक्त और सचिव, एएच और पशु चिकित्सा विभाग, मिज़ोरम सरकार और डॉ. अभिजीत मित्रा, निदेशक, भाकृअनुप-एनआरसीएम, नागालैंड द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

MoU signed between ICAR-NRC on Mithun and Govt of Mizoram to promote Mithun husbandry  MoU signed between ICAR-NRC on Mithun and Govt of Mizoram to promote Mithun husbandry

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 2 सितंबर, 2017 को आइजॉल, मिजोरम में भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र, मेडज़िपेमा, दीमापुर, नागालैंड और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग, मिज़ोरम सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दिवसीय हितधारकों की कार्यशाला ‘आजीविका के वैकल्पिक स्रोत के रूप में अर्ध गहन मिथुन खेती’ का अनुसरण है। 

भाकृअनुप-एनआरसीएम देश में उपलब्ध मिथुन (बोस फ्रंटलिस) जर्मप्लाज्म की पहचान, मूल्यांकन और लक्षण वर्णन के लिए अनुप्रयोग-उन्मुख अनुसंधान, मांस और दूध के लिए मिथुन का संरक्षण और सुधार, और मिथुन पर जानकारी के भंडार के रूप में कार्य करने हेतु संकल्पित है।

भाकृअनुप-एनआरसीएम ने अर्ध गहन मिथुन पालन, वैज्ञानिक पहचान और मिथुन के मूल्यांकन के प्रसार के माध्यम से मिथुन खेती को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है। देश के कुछ मिथुन पालन राज्यों में से एक होने के नाते, मिज़ोरम सरकार के राज्य पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग ने ग्रामीण आबादी के किसानों को लाभान्वित करने के लिए कई कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू किया है।

मिजोरम राज्य में चल रही गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य में मिथुन किसानों के प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण और प्रसार एवं सामाजिक-आर्थिक लाभ के लिए एक समझौता किया गया है। समझौता ज्ञापन में मिज़ोरम के दो जिलों में मिथुन के अर्ध-गहन पालन के लिए प्रौद्योगिकी बैकस्टॉपिंग, शेड का निर्माण आदि सहित मार्गदर्शन प्रदान करना शामिल है और सुधार के लिए राज्य को 500 वीर्य खुराक की मुफ्त आपूर्ति की गई है।

इस समझौते में फीड ब्लॉक मेकिंग यूनिट की स्थापना के साथ-साथ मिज़ोरम राज्य सरकार के कर्मियों के प्रशिक्षण का प्रावधान भी है, जिसमें पशु चिकित्सा अधिकारी, प्रबंधक और किसान शामिल हैं, जो पालन-पोषण गतिविधियों अर्थात वीर्य संग्रह और ठंडा करना, कृत्रिम गर्भाधान, दूध का मूल्यवर्धन, भाकृअनुप-एनआरसीएम, नागालैंड में मांस और पशु अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं।

समझौता ज्ञापन के तहत भाकृअनुप-एनआरसीएम ने परियोजना रिपोर्ट के निर्माण में सहायता करने, वित्त पोषण की संभावनाओं की खोज और वीर्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला के साथ कृत्रिम गर्भाधान इकाई की स्थापना के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने पर भी सहमति व्यक्त की है।

(स्त्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केंद्र, मेडज़िपेमा, दीमापुर, नागालैंड)