महानिदेशक, भाकृअनुप ने भाकृअनुप-क्रिजफ, बैरकपुर में प्रदर्शनी हॉल, रेशा संग्रहालय और अपगलन कॉम्प्लेक्स का किया उद्घाटन

6 अक्तूबर, 2021, बैरकपुर

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) ने कहा कि, ‘प्रदर्शनी हॉल जैसी सुविधाएँ प्राकृतिक रेशा फसलों, किस्मों, कृषि प्रौद्योगिकियों से लेकर उत्पाद विकास तक में अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं। केंद्रीकृत संग्रह भाकृअनुप-क्रिजफ की भूमिका व उपलब्धियों को दर्शाते हैं तथा पटसन एवं समवर्गीय रेशा क्षेत्रों से जुड़े किसानों, छात्रों और हितधारकों के लिए बहुत जानकारीपूर्ण और उपयोगी हैं।’ डॉ. महापात्र ने आज भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता में प्रदर्शनी हॉल, रेशा संग्रहालय और रेटिंग अपगलन (रेटिंग) सुविधा का उद्घाटन किया।

Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore  Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore  Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore

अपगलन कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए, महानिदेशक डीजी ने कहा कि मुक्त प्रवाह वाले पानी के तहत माइक्रोबियल कंसोर्टियम मध्यस्थता से जेडीपी निर्माण के लिए आवश्यक सर्वोत्तम ग्रेड पटसन रेशा प्राप्त करने में पर्याप्त प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न हस्तशिल्प और पटसन विविध उत्पादों के उच्च आय हेतु बेहतर बाजार सुविधा के लिए प्रचारित करने पर भी जोर दिया।

Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore  Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore  Director General (ICAR) inaugurates Exhibition Hall, Fibre Museum and Retting Complex at ICAR-CRIJAF, Barrackpore

अपने स्वागत संबोधन में, डॉ. गौरंग कर, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिजफ, बैरकपुर ने जोर देकर कहा कि सौर ऊर्जा आधारित धीमी गति से चलने वाले जल अपगलन प्रतिरूप को किसानों और उद्योगों द्वारा सहकारी आधार पर दोहराया जा सकता है जो पटसन विविध उत्पादों के निर्यात में लगे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की सुविधा के निर्माण से पटसन विविध उत्पादों के निर्माण और निर्यात के लिए आवश्यक गुणवत्ता वाले रेशा की उपलब्धता में सुधार होगा।

इस कार्यक्रम में भाकृअनुप-संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)