भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने मनाया विश्व उष्ट्र दिवस – 2020

22 जून, 2020, बीकानेर, राजस्थान

भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर, राजस्थान ने आज विश्व उष्ट्र दिवस मनाया।

डॉ. आर. के. सावल, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने मानव जाति के लिए आजीविका संसाधन के रूप में पशु की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला। डॉ. सावल ने राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया।

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विश्व उष्ट्र दिवस पर इसके संरक्षण की अपील के रूप में प्रजातियों के सांस्कृतिक महत्त्व को रेखांकित करने के लिए ऊँटों को सजाया गया था। क्षेत्रीय स्तर पर उद्यमिता में नए विकास, ऊँट के दूध के चिकित्सीय गुण, आजीविका सुरक्षा के लिए उभरती पारिस्थितिकी पर्यटन क्षमता और हितधारकों के लिए केंद्र द्वारा कई प्रयास किए गए हैं।

अन्य प्रजातियों के विपरीत, ऊंटों की उपयोगिता परिवहन के साधनों से डेयरी जानवर तक काफी बदल गई है। इसकी घटती संख्या ने लोगों को इसके संरक्षण के लिए सोचने पर मजबूर किया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा ऊँटनी के दूध पर काम करने की मान्यता ने एक कार्यात्मक भोजन के रूप में व्यापार का मार्ग प्रशस्त किया है।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर, राजस्थान)