भाकृअनुप-निनफेट, कोलकाता ने मनाया 81वाँ स्थापना दिवस

4 जनवरी, 2019, कोलकाता

भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता ने आज अपना 81वाँ स्थापना दिवस पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया।

डॉ. सी. डी. मेयी, अध्यक्ष, दक्षिण एशिया बायोटेक केंद्र और पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड ने मुख्य अतिथि के रूप में 'मैनिंग एग्री-ट्री के लिए प्रतिभा खोज' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने संस्थान द्वारा प्राकृतिक फाइबर इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्य की सराहना की। उन्होंने संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे वर्तमान आवश्यकताओं के आधार पर अपने प्रौद्योगिकी निर्माण कार्यक्रमों को नई दिशा दें और नई खोजों को प्रोत्साहित करें, साथ ही विकसित प्रौद्योगिकी और नेटवर्किंग आदि के लिए जानकारी प्रदान करें।

ICAR-NINFET, Kolkata celebrates 81st Foundation Day  ICAR-NINFET, Kolkata celebrates 81st Foundation Day

उन्होंने भारत के बहुतायत फाइबर युक्त फसलों मसलन जूट, ओकरा, अनानास, केला, रामी और नारियल का संदर्भ दिया, जिनमें भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, फसल के बाद के नुकसान को कम करने, किसानों और कृषि-उद्यमियों की आय में वृद्धि करने और वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की जबरदस्त क्षमता है।

डॉ. एस. एन. झा, सहायक महानिदेशक (प्रोसेस इंजीनियरिंग), भाकृअनुप ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए विभिन्न प्राकृतिक फाइबर से विविध उत्पाद पर विशेष जोर देने के साथ प्राकृतिक फाइबर इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी से निपटने के लिए निनफेट की उपलब्धियों पर बल दिया। उन्होंने पिछले 80 वर्षों के दौरान संस्थान द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने विशेषज्ञों से प्राकृतिक फाइबर की इंजीनियरिंग में हो रहे आधुनिक और नवीनतम बदलावों के अनुरूप होने का भी आग्रह किया।

डॉ. आलोक नाथ रॉय, निदेशक (कार्यकारी), भाकृअनुप-निनफेट, ने जूट तकनीकी अनुसंधान प्रयोगशालाएँ (जे टी आर एल) से जूट और संबद्ध फाइबर प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (निरजैफ्ट) तक और राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (निनफेट) के रूप में इसके वर्तमान नाम तक संस्थान की ऐतिहासिक प्रगति के सारांश को रेखांकित किया।  

इस अवसर पर, मैट्रिक और +2 परीक्षाओं में उत्कृष्टता के लिए कर्मचारियों के वार्ड को पुरस्कार प्रदान करने के साथ वर्ष 2019 के लिए एक इन-हाउस राजभाषा पत्रिका 'देवंजलि' भी गणमान्य लोगों द्वारा जारी की गई।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और क्विज प्रतियोगिता के एक सेगमेंट ने प्रतिभागियों को आयोजन स्थल की ओर आकर्षित किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता)