भा.कृ.अनु.प.-के.क.प्रौ.अनु.सं. के वैज्ञानिकों को ‘12वें दूरदर्शन सह्याद्री कृषि सम्मान 2019’ से किया गया सम्मानित

3 जुलाई, 2019, मुंबई

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिकों की एक टीम को कपास के उप-उत्पाद उपयोग में उत्कृष्ट अनुसंधान कार्य के लिए 12वें दूरदर्शन सह्याद्री कृषि सम्मान पुरस्कार - 2019 से सम्मानित किया गया है।

ICAR-CIRCOT Scientists Bestowed with “12th Doordarshan Sahyadri Krishi Sanman Award-2019”  ICAR-CIRCOT Scientists Bestowed with “12th Doordarshan Sahyadri Krishi Sanman Award-2019”

डॉ. अनिल बोंडे, कृषि मंत्री, महाराष्ट्र सरकार ने आज यहाँ मुंबई में टीम को पुरस्कार प्रदान किया।

कपास डंठल के मूल्य-संवर्धन के महत्त्व और आर्थिक क्षमता को महसूस करते हुए डॉ. पी. जी. पाटिल, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-के.क.प्रौ.अनु.सं. के साथ डॉ. एस. के. शुक्ला, डॉ. वी. अरुडे, डॉ. वी. मागेश्वरम, डॉ. सी. सुंदरमूर्ति, डॉ. पी. एस. देशमुख और डॉ. ए. के. भरिमल्ला की टीम ने व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों और उत्पादों मसलन, ब्रिकेट (कोयले की ईंट), छर्रों, लकड़ी का कोयला, सक्रिय कार्बन, पार्टिकल बोर्ड (कण बोर्ड), ईट-आधारित पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन श्मशान, कुशल गोली स्टोव, खाद और मशरूम की खेती विकसित की है।

कपास किसानों की आय को दोगुना करने में ये तकनीकें मददगार हैं। विदर्भ में कपास उप-उत्पाद आधारित उद्योगों की स्थापना और अनुसंधान कार्य ने व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाया है।

(स्रोत: भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई)