भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं. में हुआ क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन

27 जून, 2019, रेहमानखेड़ा

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रेहमानखेड़ा में आज क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया।

ICAR-CISH, Lucknow organizes Buyer-Seller Meet  ICAR-CISH, Lucknow organizes Buyer-Seller Meet

डॉ. शैलेन्द्र राजन, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-कें.उ.बा.सं., ने क्रेताओं से कहा कि संस्थान ने आम के लिए जीएपी (अच्छी कृषि प्रथाओं) प्रमाणीकरण दिशा-निर्देश विकसित किया है। साथ ही, मलिहाबाद आम के बागों के प्रमाणीकरण के लिए एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) से सहयोग माँगा है ताकि कम-से-कम 2000 किसानों को अच्छी कृषि प्रथाओं द्वारा आम का उत्पादन करने के लिए जीएपी प्रमाणपत्र मिल सके।

बैठक का मुख्य उदेश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उत्तर प्रदेश के आमों और आम उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना था।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय निर्यात संवर्धन कार्यक्रम के तहत क्रेताओं का आना हुआ था।

श्री वी. के. वत्स, महाप्रबंधक, एपीडा; डॉ. सी.बी. सिंह, सहायक महाप्रबंधक, एपीडा; अन्य अधिकारी गण, भारतीय क्रेताओं सहित बैठक में 16 देशों – संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, हांगकांग, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन, ईरान और वियतनाम – के क्रेता भी शामिल थे।

(स्त्रोत: भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रेहमानखेड़ा, लखनऊ)