भाकृअनुप-आरसीईआर, पटना ने मनाया 21वाँ स्थापना दिवस

22 फरवरी, 2021, पटना, बिहार

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने आज अपना '21वाँ स्थापना दिवस' ​​मनाया।

डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भाकृअनुप ने आभासी तौर पर स्थापना दिवस व्याख्यान दिया। उन्होंने कोविड-19 परिदृश्य के दौरान भाकृअनुप-आरसीईआर के प्रदर्शन की सराहना की। उप महानिदेशक ने राज्य सरकारों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से चावल परती प्रबंधन और संरक्षण कृषि के क्षेत्र में संस्थान के अनुसंधान के प्रभाव को बढ़ाने पर जोर दिया। डॉ. चौधरी ने एफपीओ और फार्म उद्यमिता के गठन के माध्यम से मखाना मूल्य-श्रृंखला एवं व्यापार मॉडल के विकास पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि द्वारा मखाना मूल्य-श्रृंखला और संस्थान की हिंदी पत्रिका 'अखे खेती' पर बुलेटिन का विमोचन भी किया गया।

डॉ. उज्ज्वल कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में पिछले वर्ष के दौरान भाकृअनुप-आरसीईआर, पटना की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पटना, बिहार ने नई प्रौद्योगिकियों और विपणन को अपनाकर किसान की आय बढ़ाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर बिहार और झारखंड के लगभग 12 प्रगतिशील किसानों को भी कृषि में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

  

बिहार और पड़ोसी राज्यों के लगभग 200 किसानों को चावल की नई किस्मों- स्वर्ण श्रेया, स्वर्ण शक्ति और स्वर्ण समृद्धि के गुणवत्तापूर्ण बीज वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों सहित 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना)