भा.कृ.अनु.प.-आईआईवीआर, वाराणसी, ने किया परवल क्षेत्र दिवस-सह-किसान गोष्ठी का आयोजन

21 जून, 2019, वाराणसी

भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बड़ागाँव ब्लॉक के हरिपुर (कनियार) गाँव में परवल क्षेत्र दिवस-सह-किसान गोष्ठी का आयोजन किया।

डॉ. ए. के. सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भा.कृ.अनु.प, नई दिल्ली ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

डॉ. सिंह ने भा.कृ.अनु.प.-आईआईवीआर के वैज्ञानिकों और आस-पास के गाँवों के लगभग 100 सब्जी उत्पादकों के साथ गाँव में संस्थान द्वारा विकसित की गई परवल की किस्मों के प्रदर्शन क्षेत्र का दौरा किया।

डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर और बलिया में परवल उगाने की बहुत संभावना है, लेकिन स्थानीय खेती में कम उपज और अधिक रोग के संक्रमण के कारण इस फसल को कम क्षेत्र में उगाया जा रहा है।

डॉ. पी. एम. सिंह, प्रमुख, फसल सुधार विभाग ने कहा कि संस्थान द्वारा 3 आशाजनक किस्मों - काशी अलंकार, काशी सुफल और काशी अमूल्य का विकास और विमोचन करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि उच्च उपज (औसत उत्पादकता 230 क्विंटल प्रति हेक्टेयर) और गुणवत्ता के कारण, इन किस्मों को पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में उत्पादकों द्वारा व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि इसकी स्थापना के बाद से संस्थान द्वारा उत्पादन और संरक्षण प्रौद्योगिकियों के साथ 27 सब्जी फसलों में लगभग 102 उन्नत किस्में/संकर विकसित किए गए हैं।

किसानों ने इस अवसर के दौरान भा.कृ.अनु.प.-आईआईवीआर विकसित प्रौद्योगिकियों के अपने अनुभव और सफलता की कहानियों को भी साझा किया।

तकनीकी सत्र के दौरान, सब्जी की खेती में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई और वैज्ञानिकों द्वारा शीघ्र समाधान प्रदान किए गए।

ICAR-Indian Institute of Vegetable Research

(स्रोत: भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी)