प्याज कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) – मूल्यों के उतार-चढ़ाव को स्थिर करने में सामर्थ्यवान

देश भर में साल भर व्यापक रूप से खाई जाने वाली सब्जी प्याज की खेती मुख्य रूप से तीन मौसमों में की जाती है, यानी खरीफ, देर से खरीफ और रबी के दौरान। रबी के दौरान प्याज की 60% उत्पादन के लिए फसल की कटाई की जाती है, मार्च से जून तक बाजार प्रभावित होता है। खरीफ की फसल की कटाई और बाजार में लाने से पहले वही फसल हर साल अक्टूबर-नवंबर तक उपभोक्ता की मांग को पूरा करती है। इसलिए, यह रबी प्याज को सफलतापूर्वक स्टोर करने के लिए महत्त्वपूर्ण है ताकि बाजारों में इसकी आपूर्ति को बनाए रखा जा सके। प्याज खराब हो जानेवाली फसलों में से है जो भंडारण के दौरान 30-40% नष्ट हो जाती है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, नुकसान 40% से अधिक हो जाता है जो मांग और आपूर्ति दोनों पर भारी तनाव का कारण बनता है। आपूर्ति की अस्थिरता बाजार में संकट पैदा करती है, जिससे प्याज की कीमत में भारी वृद्धि होती है जो अंत में उपभोक्ताओं को प्रभावित करती है। एक पर्याप्त भंडारण सुविधा प्याज की कीमतों में आपूर्ति की अस्थिरता और तेजी से वृद्धि की जाँच करने में मदद करेगी।   

भारत में उपलब्ध भंडारण सुविधा

स्वाभाविक रूप से हवादार संरचनाएँ: भारत में, प्याज ज्यादातर तापमान और सापेक्ष आर्द्रता के नियंत्रण के बिना हवादार भंडारण संरचनाओं में संग्रहित किया जाता है। किसान आवश्यक क्षमता के आधार पर विभिन्न प्रकार के हवादार भंडारण संरचनाओं का निर्माण करते हैं।

कम लागत की फूस की छत वाली बाँस भंडारण संरचना: इस प्रकार की भंडारण संरचना का निर्माण आमतौर पर बाँस के ढाँचे के साथ किया जाता है, जिसमें छत गन्ने के पत्तों से बनी होती है। इस प्रकार की भंडारण संरचना कम लागत और निर्माण में आसान है, लेकिन भंडारण के चार महीनों के दौरान प्याज का 42% तक नुकसान होता है।

नीचे और बगल के हवादार भंडारण संरचना: इस तरह की संरचना में नीचे और बगल से वायु-संचालन का प्रावधान होता है। लेकिन इस संरचना में भी परिणाम के तौर पर चार महीने के भंडारण में 46% तक घाटे की वृद्धि हुई है।

कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) संरचना: इस प्रकार की भंडारण सुविधाओं में, प्याज को 0-5 डिग्री सेल्सियस और 60-65% सापेक्षिक आर्द्रता (R H) पर संग्रहित किया जाता है, जिससे हवादार भंडारण संरचना की तुलना में बहुत कम नुकसान होता है। 0-5 डिग्री सेल्सियस के तापमान रेंज में भंडारण की सुविधा को बनाए व चलाए रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा के रूप में निर्माण की लागत बहुत अधिक है। अन्य समस्याओं में कंडेनसेशन (संक्षेपण) के साथ-साथ अधिक ऊर्जा और समय की आवश्यकता भी शामिल है। कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) से हटाए जाने के तुरंत बाद ही बल्ब (कंद) का अंकुरण (उगना) होने लगता है।

Design of DOGR-cold storage

कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) का डिजाइन

निर्माण और चलाने की कम लागत के साथ प्याज के भंडारण के नुकसान को कम करने के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किया हुआ प्याज भंडारण संरचना, जो नियंत्रित परिस्थितियों (तापमान और सापेक्ष आर्द्रता) को बनाए रखने में मदद कर सकता है, को विकसित करने की तत्काल आवश्यकता है।

भाकृअनुप-प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय, पुणे द्वारा विकसित वर्तमान आविष्कार का उद्देश्य उचित वेंटिलेशन वाले नियंत्रित परिस्थितियों में प्याज के बल्बों (कंदों) का भंडारण करना है जो अंकुरण, सड़न और उनके वजन को घटाते हुए कम ऊर्जा का उपयोग करके उनके भंडारण जीवन को काफी बढ़ाता है। कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) का डिजाइन और विकास पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड (सार्वजनिक निजी भागीदारी प्रणाली) के तहत किया गया था।

भंडारण संरचना को वायु परिसंचरण प्रणाली के साथ 27 ± 2 डिग्री सेल्सियस और 60 से 65% सापेक्षिक आर्द्रता (R H) के तापमान को बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया था। हवादार भंडारण संरचना में नुकसान भी उसी भंडारण अवधि के दौरान दर्ज किए गए थे। डिजाइन की गई भंडारण संरचना ने ऐसी स्थिति बनाए रखी है जो संग्रहित प्याज बल्बों (कंदों) में वजन घटाने, अवांछित अंकुरण और सड़न को कम करने के लिए आवश्यक है। प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) की अवधारणा पेटेंट कार्यालय, मुंबई में पेटेंट के लिए आवेदन संख्या 201821049581 के साथ दायर की गई है, जिसका शीर्षक है “प्याज के बल्बों (कंदों) के भंडारण के लिए एक भंडारण संरचना और उसके विधि”।

120 दिनों के बाद तुलनात्मक भंडारण घाटा

भंडारण संरचना के प्रकार

कुल नुकसान (%)

प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) 27 ± 2 डिग्री सेल्सियस

7.14

शीत भंडारण (0 डिग्री सेल्सियस)

5.00

हवादार भंडारण

54.89

थोक भंडारण (राजगुरुनगर में)

54.64

थोक भंडारण (खालस में)

59.04

 

भंडारण के उपरांत की गतिविधि

                                          

अंकुरण (%)  

फफूँद (%)

भंडारण संरचना के प्रकार

15 दिन

30 दिन

60 दिन

15 दिन

30 दिन

60 दिन

शीत भंडारण

27

29

34

0.8

1.5

15.2

प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) 27 ± 2 डिग्री सेल्सियस

0

0

9.12

-

-

-

Onions stored for 6 months in DOGR-cold storageOnions without any internal sprout growth even after storage  of 4 months in DOGR-cold storage

प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज के फायदे (27 ± 2 डिग्री सेल्सियस)

  • प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज में 4 महीने के भंडारण में 7.14% और कोल्ड स्टोरेज में 5% का नुकसान हुआ। तापमान और सापेक्ष आर्द्रता के नियंत्रण के बिना हवादार संरचना ने 54% के नुकसान को दर्शाया।
  • कोल्ड स्टोरेज से निकालने के बाद 15 दिनों के भीतर भंडारण उपरांत अंकुरण लगभग 27% दर्ज की गई थी। जबकि, नए विकसित किए गए प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज में, स्टोरेज से निकालने के एक महीने बाद भी अंकुरण नहीं देखा गया।
  • प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज के संरचना और चलाने की लागत कोल्ड स्टोरेज की तुलना में कम होने की उम्मीद है।
  • कम क्षमता के लिए प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज का निर्माण 2 टन से कम करना संभव है और इसे 2000 टन तक बढ़ाया जा सकता है, जबकि कोल्ड स्टोरेज में यह संभव नहीं है।
  • इसका उपयोग खरीफ और रबी मौसम के दौरान प्याज के उपचार के लिए भी किया जा सकता है।
  • यह संरचना खरीफ प्याज को नगण्य अंकुरित करने के लिए उपयोगी होगी, जो खरीफ प्याज के भंडारण के लिए एक प्रमुख बाधा है।
  • इस संरचना का उपयोग अन्य उद्देश्यों, जैसे केले के पकने और इसके अलावा थोड़े संशोधन या आवश्यक सुविधा के साथ अन्य अनुप्रयोगों, के लिए भी किया जा सकता है।
  • विशेष तौर पर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार के राज्यों में मुख्य मौसम (मई-जून) के दौरान बिक्री के संकट से बचने के लिए कम क्षमता वाले किसानों द्वारा अपने खेत में प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय - कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जा सकता है, जहाँ तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है और प्याज का भंडारण अत्यंत कठिन होता है।

(स्रोत: भाकृअनुप-प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय, पुणे)