नमसाई में किसानों की दुगुनी आय पर हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ समापन

18 नवंबर, 2018, बसर, आंध्र प्रदेश

उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र, आंध्र प्रदेश केंद्र, बसर और कृषि विज्ञान केंद्र, नमसाई ने संयुक्त रूप से केंद्रीय विषय ‘किसानों की आमदनी को दोगुना करने के दृष्टिकोण - किसानों की समृद्धि का मार्ग’ पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), इटानगर और अरुणाचल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडीज, नमसाई के वित्तीय सहायता की मदद से आई. सी. ए. आर. - रिसर्च कॉम्प्लेक्स के लिए 17-18 नवंबर, 2018 को एक राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-कृषि उन्नति मेला का आयोजन किया।

श्री चौ तेवा मी, मुख्य अतिथि और विधायक, चौखम, ने नमसाई जिले के विशेष संदर्भ के साथ राज्य में कृषि की वर्तमान स्थिति के बारे में अपनी चिंताओं को व्यक्त किया और क्षेत्र में किसानों के कल्याण हेतु इस तरह के बड़े आयोजन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र नमसाई तथा उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में ऐसी पहल के लिए आई. सी. ए. आर. – आर. सी. की सराहना की।

National Conference on Doubling Farmers’ Income concluded at Namsai   National Conference on Doubling Farmers’ Income concluded at Namsai

श्री चो जिग्नू नामचूम, सम्माननीय अतिथि और विधायक, नमसाई ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए क्षेत्र में विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। साथ ही, आई. सी. ए. आर., ए. पी. सेंटर, बसर और कृषि विज्ञान केंद्र, नमसाई के उन प्रयासों और उनके विभिन्न दृष्टिकोणों को महत्त्वपूर्ण बताया जो 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करेगा। विभिन्न जिलों के एसआरएलडी, शिलांग, एफपीसीज और एसएचजीज से कुल मिलाकर 1200 से अधिक किसानों ने आईसीएआर वैज्ञानिकों के साथ आयोजित किसान-वैज्ञानिक पारस्परिक विचार-विमर्श में अपनी भागीदारी पंजीकृत की। 

अन्य गणमान्यों में, डॉ. बी. सी. डेका, निदेशक, आई. सी. ए. आर.-ए. टी. ए. आर. आई. उमियम; डॉ. एच. कलिता, आयोजन सचिव, संयुक्त निदेशक, आई. सी. ए. आर. आर. सी. एन. ई. एच. क्षेत्र, एपी केंद्र, बसर और डॉ. तपस्या राघव, आई. ए. एस., उप आयुक्त, नमसाई भी इस अवसर के दौरान उपस्थित थे।

स्कूल ऑफ लाइवलीहुड एंड रूरल डेवलपमेंट, शिलांग और केवीके, नमसाई ने इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उत्पादित विभिन्न महत्त्वपूर्ण अंडरटाइज्ड मसालों और औषधीय पौधों के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विपणन के लिए समझौता ज्ञापन (एम. ओ. यू.) पर भी हस्ताक्षर किया।

सम्मेलन के दूसरे दिन, डॉ. एन. एन. प्रकाश, निदेशक, आई. सी. ए. आर.-आर. सी. एन. ई. एच. क्षेत्र, उमियम, मेघालय की अध्यक्षता में तथा सम्माननीय अतिथि प्रोफेसर वी. के. कावात्रा, कुलपति, अरुणाचल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडीज, की उपस्थिति में एक वैज्ञानिक और तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें ‘किसानों की आमदनी को दोगुना करने के दृष्टिकोण - किसानों की समृद्धि का मार्ग’ पर केंद्रित 11 विषयों को शामिल किया गया।

लगभग 220 वैज्ञानिक, पी-एच.डी. विद्वानों और छात्रों ने व्याख्यान, मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों आदि के रूप में वैज्ञानिक विचार-विमर्श में अपनी भागीदारी पंजीकृत की।

 

(स्रोत: आई. सी. ए. आर. - रिसर्च कॉम्प्लेक्स, उत्तर-पूर्वी हिल क्षेत्र, आंध्र प्रदेश केंद्र, बसर)