दो फार्म (खेती) स्कूलों का हुआ उद्घाटन

13 जनवरी, 2021, पश्चिम बंगाल

Two Farm Schools inaugurated

भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा और सस्य श्यामला कृषि विज्ञान केंद्र, सोनारपुर, कोलकाता ने आज सोनारपुर ब्लॉक, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल में दो फार्म स्कूलों - एक्वाकल्चर फार्मर फील्ड स्कूल (एएफएफएस) और पशुधन किसान फील्ड स्कूल (एलएफएफएस) का उद्घाटन किया।

डॉ. सरोज कुमार स्वैन, निदेशक, भाकृअनुप-सिफ़ा, भुवनेश्वर, ओडिशा ने किसानों से सहयोग हेतु भाकृअनुप-सिफ़ा और एसएसकेवीके के साथ उनकी मत्स्य पालन और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने ओडिशा और छत्तीसगढ़ में संस्थान द्वारा संचालित एएफएफएस की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला। डॉ. स्वैन ने जोर देकर कहा कि दोनों विद्यालय विस्तार और सलाहकार सेवा वितरण में बहुत योगदान देंगे।

डॉ. एस. के. रॉय, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन - V, कोलकाता ने वैज्ञानिक एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने व किसानों की मदद करने में दोनों संगठनों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विस्तार और प्रशिक्षण में नवाचारों पर भी जोर दिया।

श्री सागर मेहरा, संयुक्त सचिव, भारत सरकार और स्वामी श्री शिवपुरानंद, कुलपति, एसएसकेवीके, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान, कोलकाता भी इस दौरान मौजूद रहे।

डॉ. तारा शंकर पान, उप निदेशक, एआरडी, पश्चिम बंगाल सरकार ने वैज्ञानिक पशुधन खेती को बढ़ावा देने में मदद का आश्वासन दिया।

डॉ. बी. एन. पॉल, समन्वयक, अनुसूचित जाति उप योजना और डॉ. एन. सी. साहू, प्रमुख, सस्य श्यामला कृषि विज्ञान केंद्र, कोलकाता के संयुक्त प्रयासों से जलीय कृषि और पशुपालन प्रौद्योगिकियों को अपनाने में आस-पास के 20 गाँवों में 5,000 से अधिक किसानों को सशक्त बनाने हेतु एएफएफएस और एलएफएफएस की स्थापना के लिए नेतृत्व किया गया।

कार्यक्रम में करीब 200 किसान और महिला किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा)