डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक रूप से सफल स्टार्ट-अप मॉडल को बढ़ाने की आवश्यकता पर दिया जोर

7 अगस्त, 2019, चेन्नई

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) ने संस्थान के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ आज यहाँ चेन्नई के भाकृअनुप-केंद्रीय खारा जल मत्स्य पालन संस्थान, चेन्नई में 'धन के लिए मछली अपशिष्ट' स्टार्ट-अप इकाई का दौरा किया। डॉ. महापात्र संस्थान के दौरे पर थे। 

Dr. Trilochan Mohapatra, Secretary (DARE) & DG (ICAR) stressed on the need of scaling-up economically successful start-up models at national level  Dr. Trilochan Mohapatra, Secretary (DARE) & DG (ICAR) stressed on the need of scaling-up economically successful start-up models at national level

महानिदेशक के साथ बातचीत के दौरान यूनिट में नांबिकई मछली किसान समूह ने समूह के सदस्यों के बीच प्रतिनिधि से मछली-अपशिष्ट प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी और इसके उत्पाद के बारे में विभिन्न गतिविधियों और मुद्दों पर चर्चा की। डॉ. महापात्र ने क्षेत्रीय, राज्य और राष्ट्रीय उपयोगकर्ता समूहों के बीच स्वीकृति के लिए विकसित तकनीक के कार्यान्वयन और व्यापक प्रसार पर अधिक ध्यान देने के लिए वैज्ञानिकों से आग्रह किया।  

डॉ. के. के. विजयन, निदेशक, भाकृअनुप-सिबा ने प्रौद्योगिकी की उत्पत्ति और जलीय कृषि में लाभ को रेखांकित किया।

श्री टी. केनीट राज, प्रतिनिधि, नांबिकई मछली किसान समूह ने प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के उत्थान के बारे में आभार व्यक्त किया। समूह ने अपने गाँव में मछुआरों के लिए एक वैकल्पिक आजीविका गतिविधि के रूप में 'अपशिष्ट से धन' अवधारणा को बढ़ावा देने के वास्तविक प्रयासों की सराहना की।

मछली बाजारों से निकाले गए कचरे से प्लैंकटन प्लस और हॉर्टी प्लस के उत्पादन के लिए संस्थान के पास 'धन के लिए मछली अपशिष्ट' यूनिट है। लघु स्तर के मछली-अपशिष्ट से धन इकाई की उत्पादन क्षमता 2000 एल/माह है। एक इकाई का वार्षिक कारोबार 4.56 लाख रुपए के शुद्ध लाभ के साथ 16.80 लाख रुपए है।

नांबिकई मछली किसान समूह, नांबिकई नगर, चेन्नई में स्थानीय लोगों से प्राप्त मछली-कचरे को सिबा द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप इकाई में प्रोसेस करके प्लैंकटन प्लस और हॉर्टी प्लस का उत्पादन किया जा रहा है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केंद्रीय खारा जल मत्स्य पालन संस्थान, चेन्नई)