कृषि विकास और सुजला-3 अनुभव के लिए भूमि संसाधन सूची पर वेबिनार आयोजित

12 नवंबर, 2021, बेल्लारी

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, बेल्लारी कर्नाटका ने कृषि विकास और सुजला-3 अनुभव के लिए भूमि संसाधन सूची  पर आज वेबिनार का आयोजन किया गया।

Webinar on “Land Resource Inventory for Agricultural Development & Sujala-3 Experiences” organized

डॉ राजिंदर हेगरे, प्रधान, भाकृअनुप-राष्ट्रीय ब्यूरो मृदा सर्वेक्षण एवं जल उपभोग योजना, क्षेत्रिय केंद्र, बंगलुरु, कर्नाटका ने इस समारोह के दौरान मुख्य वक्ता के रुप में उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ हेगरे ने अपने संबोधन में भूमि संसाधन सूची (एलआरआई) के आधार पर जल संरक्षण को प्रारंभ करने की बात कही। उन्होंने कहा की कृषि विकास और अनुसंधान के निरुपन में एलआरआई का महत्वपर्ण योगदान है।

डॉ. एम मधु, महानिदेशक, भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी, देहरादून, उत्तराखण्ड ने एलआरआई अवधारणा को सबसे अच्छा जल संरक्षण तकनीक के रुप में माना। डॉ. मधु ने शोधकर्ताओं और परियोजना संयोजकों से इसके संशोधित करने का आग्रह किया ताकि वर्तमान परियोजना में जो बाधाएं हैं उसे दूर किया जा सके, जिससे भविष्य में जल संरक्षण को प्रभावी तरीके से लागु करने में आसानी हो।

भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "भारत का अमृत महोत्सव" के एक भाग के रूप में आयोजित वेबिनार में 37 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून, उत्तराखंड)