कृषि में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के अनुप्रयोग पर राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन

6 मार्च, 2019, नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने आज यहाँ ‘कृषि में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी’ के अनुप्रयोग पर राष्ट्रीय परामर्श' का आयोजन किया।

National Consultation on Application of ICT in Agriculture organized  National Consultation on Application of ICT in Agriculture organized

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि देश में एक अरब से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ताओं ने बुद्धिमतापूर्ण खेती और उत्पादन के बाद के प्रबंधन के लिए कृषि में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में वैज्ञानिकों की ताकत में इजाफा किया है। महानिदेशक ने कहा कि देश में कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉक चेन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और सेंसर आधारित सटीक खेती के उभरते क्षेत्रों के लिए उज्ज्वल भविष्य है।

डॉ. महापात्र ने कहा कि भाकृअनुप-संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों की अखिल भारतीय उपस्थिति ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को पौधों, जानवरों, आदमी और मशीन के साथ आईसीटी इंटरफेस विकसित करने के लिए एक अद्वितीय शक्ति प्रदान की है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमता और सेंसर-आधारित सटीक खेती के प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने के लिए पायलट परियोजनाओं को विकसित करने हेतु विशेषज्ञों से भी आग्रह किया।

महानिदेशक ने प्राकृतिक संसाधनों की बिगड़ती परिस्थितियों के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया जो स्मार्ट कृषि प्रथाओं को अपनाने से कम से अधिक उत्पादन करने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि यह कृषि में आगामी तकनीकी क्रांति को दर्शाता है जिसमें सर्वव्यापी डेटा एकत्र करने के लिए IoT का उपयोग, चर दर अनुप्रयोग के लिए हमेशा जुड़े हुए कृषि मशीनरी का उपयोग, सूचित निर्णय लेने और समय पर जवाबदेही के लिए बड़े डेटा विश्लेषण का उपयोग शामिल है।

डॉ. महापात्र ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की परियोजनाओं का उद्देश्य देश में सटीक खेती और स्मार्ट कृषि को अपनाने के लिए कृषि क्षेत्र में आइओटी-आधारित डेटा अधिग्रहण और क्लाउड-आधारित डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म विकसित करने पर होना चाहिए।

बैठक में डेयर/भाकृअनुप के उप महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ 100 से अधिक कंप्यूटर वैज्ञानिकों, भाकृअनुप और अन्य संगठनों के विशेषज्ञों की एक टीम ने भाग लिया तथा कृषि में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर विचार-विमर्श किया।

(स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली)