कृषि के ब्रिक्स उप-मंत्रियों की पहली बैठक का हुआ आयोजन

17-18 जुलाई, 2019, ब्राज़ीलिया, ब्राज़ील

श्री संजय अग्रवाल, सचिव, कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्राजील द्वारा ब्राज़ीलिया में 17-18 जुलाई, 2019 को आयोजित ब्रिक्स के कृषि उप-मंत्रियों की पहली बैठक में भाग लिया।

 First Meeting of BRICS Vice-Ministers of Agriculture

श्री जी. एन. सिंह, संयुक्त सचिव, पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार और डॉ. ए. अरुणाचलम, सहायक महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय संबंध), भाकृअनुप, नई दिल्ली भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

श्रीमती तेरेज़ा क्रिस्टीना, कृषि मंत्री, ब्राजील ने ब्रिक्स देशों के सभी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और ब्रिक्स के लक्ष्यों और उद्देश्यों की पुष्टि की।

श्री संजय अग्रवाल ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में भारत की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कृषि अनुसंधान, निवेश और व्यापार को मजबूत करके कृषि विकास को सुनिश्चित करने के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग को बढ़ाने के तंत्र पर प्रकाश डाला।

भारत ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच को मजबूत करके उत्पादकता बढ़ाने, किसान की आय को दुगुना करने और कृषि सहयोग के लिए सक्षम वातावरण प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों द्वारा अपनाए जाने वाले संयुक्त घोषणा-पत्र का अंतिम मसौदा तैयार किया गया। कृषि में महिलाओं की भूमिका और जैविक खेती को बढ़ावा देने संबंधी कुछ रणनीतिक बिंदु भी शामिल किए गए।

 ब्रिक्स उप-मंत्रियों ने संयुक्त कार्य योजना (2017-2020) के तहत 5 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को दोहराया:

  • खाद्य सुरक्षा और पोषण को बढ़ाने के लिए कृषि विकास में तेजी लाना।
  • राष्ट्रीय जोखिम में मजबूत कृषि अनुकूलन के लिए जलवायु परिवर्तन पर सहयोग और विनिमय को बढ़ावा देना।
  • अधिक कृषि स्थिरता के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार और प्रदर्शन को मजबूत करना।
  • सुरक्षित कृषि व्यापार में सुधार और कृषि निवेश का विस्तार।
  • ब्रिक्स कृषि में बेहतर आईसीटी अनुप्रयोग के लिए सूचना को मजबूत करना, साझा करना और आदान-प्रदान करना।

बतौर अध्यक्ष, ब्राजील 25 से 26 सितंबर, 2019 तक बोनिटो में कृषि पर ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।

इस अवसर पर ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने ब्राजील के कृषि अनुसंधान निगम की कृषि-ऊर्जा और आनुवंशिक संसाधन इकाईयों का भी दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने नए गन्ने के उपभेदों की प्रयोगशाला परीक्षण, बीज और जीन बैंकों की झलक दिखाई।

(स्त्रोत: कृषि भवन, नई दिल्ली)