किसान प्रथम कार्यक्रम (फार्मर्स फ़र्स्ट प्रोग्राम) की आभासी आंचलिक समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन

17 फरवरी, 2021, जोधपुर

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर -II, राजस्थान ने आज ‘एकीकृत प्रौद्योगिकियों और समृद्ध ज्ञान’ विषय पर ‘किसान प्रथम कार्यक्रम (फार्मर्स फ़र्स्ट प्रोग्राम) की आभासी आंचलिक समीक्षा बैठक’ का आयोजन किया।

डॉ. वी. पी. चहल, अतिरिक्त महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप ने अपने संबोधन में कृषि विज्ञान केंद्र योजना के एक हिस्से के रूप में किसान प्रथम कार्यक्रम के तहत चयनित भाकृअनुप के अनुसंधान संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों को शामिल करने पर जोर दिया। डॉ. चहल ने किसानों के परिवारों को अनुसंधान मोड अर्थात सतत दृष्टिकोण का पालन करके आजीविका सुरक्षा में सुधार के लिए प्रौद्योगिकियों का चयन, मूल्यांकन और अनुप्रयोग में सक्रिय साझेदारों के रूप में शामिल करने पर जोर दिया।

 

डॉ. एस. के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, जोधपुर, राजस्थान ने देश में भागीदारी और अभिसरण मोड में विशेष रूप से किसान प्रथम कार्यक्रम को समग्र तरीके से लागू किए जा रहे एफएफपी के उद्देश्यों और अवधारणाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की भारत सरकार की पहल को एफएफपी लागू करने वाले भागीदारों द्वारा भी साकार किया जाना चाहिए।

बैठक में भाकृअनुप-संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

आभासीय आंचलिक समीक्षा बैठक में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान राज्यों के किसान प्रथम कार्यक्रम के कुल 30 प्रधान जाँचकर्ताओं और सह-प्रधान जाँचकर्ताओं ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर -II, राजस्थान)