इसबगोल क्षेत्र दिवस और हितधारकों की बैठक का आयोजन

16 मार्च 2019, आणंद, गुजरात

भाकृअप - औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय, आणंद, गुजरात में आज इसबगोल क्षेत्र दिवस और हितधारकों की बैठक आयोजित की गई।

Isabgol Field Day and Stakeholder’s Meet Held  Isabgol Field Day and Stakeholder’s Meet Held

डॉ. टी. जानकीराम, सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप, नई दिल्ली, डॉ. जितेंद्र कुमार, निदेशक, कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान, गुरुग्राम, डॉ. नीरज वाधवा, बोर्ड सदस्य, इसबगोल प्रोसेसर एसोसिएशन (आईपीए), सिद्धपुर और डॉ. सत्यजीत रॉय, निदेशक, भाकृअनुप-डीएमएपीआर, आणंद बैठक में उपस्थित थे।

डॉ. जानकीराम ने अपने संबोधन में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इसबगोल की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती, अच्छी कृषि पद्धतियों (जीएपी) प्रमाणन, सेंसर का उपयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, बाजार की जानकारी और इसबगोल का मूल्य वर्धन किसानों की अधिक आय सुनिश्चित करेगा। उन्होंने देश में इसबगोल अनुसंधान और विकास के लिए एक नीति दस्तावेज तैयार करने का आग्रह किया।

डॉ. सत्यजीत रॉय ने इसबगोल में निदेशालय और अनुसंधान की उपलब्धियों का अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने नई इसबगोल किस्मों, अच्छे कृषि प्रथाओं (जीएपी) और इसबगोल बीज मानकों पर प्रकाश डाला।

श्री नीरज वाधवा ने जोर देकर कहा कि बेकरी उद्योग में इसबगोल की भूसी की बढ़ती मांग के अलावा इसके औषधीय और औद्योगिक उपयोग भी हैं। उन्होंने जोर दिया कि  देश में इसबगोल उत्पादन को बढ़ाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने इसबगोल प्रसंस्करण और व्यापार में विचारों व चुनौतियों को साझा करने के लिए अनूठी बैठक के आयोजन हेतु भाकृअप - औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय, आणंद की सराहना की।

डॉ. कुमार ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता मान्यता और प्रमाणन एजेंसियों की एक श्रृंखला स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कच्ची दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पंचायत स्तर पर किसान समूहों के लिए केंद्रीकृत संग्रह केंद्रों और भंडारण यार्डों की स्थापना की आवश्यकता है।

डॉ. पी. मनिवेल, प्रधान वैज्ञानिक, डीएमएपीआर ने इससे पहले नई किस्मों (वल्लभ इसबगोल -1, वल्लभ इसबगोल -2 और वल्लभ इसबगोल -3) और इसबगोल के आनुवांशिक संसाधनों को हितधारकों के सामने प्रदर्शित किया।

एक क्षेत्रीय दौरे की व्यवस्था भी की गई, जिसमें इसबगोल की किस्मों और निदेशालय के जर्मप्लाज्म एक्सेस को हितधारकों को प्रदर्शित किया गया।

(स्रोत: भाकृअप - औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय, आणंद, गुजरात)