अपर सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने किया भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी का दौरा

21 मई, 2019, वाराणसी

सुश्री डॉली चक्रवर्ती, अपर सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में आज संस्थान के अनुसंधान प्रक्षेत्र एवं समेकित मधुमक्खी पालन केंद्र का भ्रमण किया।

अपर सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने किया भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी का दौरा  अपर सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने किया भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी का दौरा

सुश्री डॉली चक्रवर्ती ने सब्जियों की खेती से संबंधित अनुसंधान एवं प्रसार कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संस्थान के वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में उपभोक्ताओं के बीच कई प्रकार के आयातित सब्जियों की मांग बढ़ी है। इस मांग की पूर्ति के लिये संस्थान ने सब्जियों की कई किस्मों, वैज्ञानिक तकनीकियों व नवाचारों को विकसित किया है जिससे किसान किसी भी मौसम में कम लागत में सब्जियों की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

सुश्री डॉली चक्रवर्ती ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में संस्थान द्वारा विकसित सेलाक कोटिंग तकनीक, जो सब्जियों की भंडारण अवधि को बढ़ाता है एवं परिवहन के दौरान क्षति को कम करता है, के बारे में बताया। मधुमक्खी पालन के माध्यम से गुणवत्ता युक्त शहद का उत्पादन और उससे किसानों को होनेवाली आमदनी के साथ-साथ फसल उत्पादन में होने वाले अतिरिक्त लाभों को भी उन्होंने रेखांकित किया। उन्होंने पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं किसानों की आय बढ़ाने हेतु वैज्ञानिक तकनीक से सब्जी उत्पादन करने पर जोर दिया।

डॉ. अरविन्द कुमार, निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, आईसार्क, वाराणसी ने किसानों के लिए चावल एवं सब्जियों पर आधारित फसल प्रणाली की उन्नत तकनीकियों को विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों एवं अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने हेतु संस्थान एवं आइसार्क को संयुक्त रूप से कार्य करने की पहल पर जोर दिया।

डॉ. ए. एन. सिंह, निदेशक, राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी ने संस्थान द्वारा विकसित सब्जियों की किस्मों से किसानों को होने वाले लाभों को बताया।

डॉ. जगदीश सिंह, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी ने सब्जियों में किए जा रहे शोध, प्रसार कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि के विविधीकरण के साथ-साथ सब्जियों की खेती द्वारा किसान कम समय और कम लागत में अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अन्य वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।

(स्त्रोत: भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी)