श्री सूर्य प्रताप शाही ने किया भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान का दौरा

30 अगस्त, 2019, हैदराबाद

surya_pratap_shahश्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश ने आज भाकृअनुप–भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद का दौरा किया।

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन भारत में कदन्नों की काफी खेती होती थी परंतु एक ऐसी अवधि आई जिसमें गेहूँ एवं चावल की फसलों के कारण कदन्न फसलें कुछ पीछे हो गईं। लेकिन वर्तमान समय में एक बार फिर लोग कदन्न फसलों के प्रति जागरूक हो रहे हैं और इस क्षेत्र में भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के प्रयास सराहनीय हैं।

श्री शाही ने जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान माँ एवं शिशु में कुपोषण की समस्या को दूर करने में कदन्न की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। उत्तर प्रदेश के 7-8 क्षेत्रों में कदन्नों की खेती का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान के सहयोग और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से मूल्य-श्रृंखला एवं बीज उत्पादन के द्वारा कृषकों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

मंत्री ने उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग एवं भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान को मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।

इस दौरान दो समझौता ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मंत्री और उनके प्रतिनिधि मंडल में शामिल डॉ. सोलोमॉन, कुलपति, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर; डॉ. एच. जी. प्रकाश, श्री विष्णु प्रताप सिंह, श्री परमेन्दर सिंह तथा श्री डी. पी. सिंह ने संस्थान में संचालित सेंटर ऑफ एक्सलेंस (कदन्न प्राथमिक एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशालाओं) एवं कदन्न जीन संग्रह का निरीक्षण किया।

 

डॉ. विलास ए. टोणपि, निदेशक, भाकृअनुप-भाकअनुसं ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों से अवगत कराया।

डॉ. बी. दयाकर राव, प्रधान वैज्ञानिक, भाकृअनुप-भाकअनुसं ने इस कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन किया।

(स्त्रोत: भाकृअनुपभारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)