जैव-सुदृढ़ीकृत किस्में

जैव-सुदृढ़ीकृत किस्में

 

जैव-सुदृढ़ीकृत किस्में

अनार

 

सोलापुर लाल (Solapur Lal)

  • फल उपज: 36.72 किग्रा/पौधा
  • कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (TSS): 17.6 °B
  • अनुमाप्य अम्लता: 0.40%
  • एंथोसायनिन: 395 मिलीग्राम/100 ग्राम
  • एस्कॉर्बिक अम्ल: 19.6 मिलीग्राम/100 ग्राम
 
आलू

 

कुफरी जामुनिया (Kufri Jamunia)

  • मध्यम अवधि में पकने वाली (90 दिन), अधिक उपज देने वाली विशेष टेबल आलू किस्म, जिसमें एंथोसायनिन की मात्रा अधिक होती है तथा गूदे का रंग बैंगनी होता है।
  • उत्तरी, मध्य एवं पूर्वी मैदानी क्षेत्रों के लिए अनुशंसित।
  • कंद गहरे बैंगनी रंग के, अंडाकार तथा उथली आँखों वाले होते हैं। इनका गूदा बैंगनी होता है और सामान्य भंडारण परिस्थितियों में इनकी भंडारण क्षमता बहुत अच्छी होती है।

 

शकरकंद

 

भू सोना (Bhu Sona)

  • प्रो-विटामिन A से भरपूर (14.0 मिलीग्राम/100 ग्राम)।
  • कंद उपज: 19.8 टन/हेक्टेयर।
  • शुष्क पदार्थ: 27.0–29.0%।
  • स्टार्च की मात्रा: 20.0%।
  • कुल शर्करा: 2.0–2.4%।

 

भू कृष्णा (Bhu Krishna)

  • एंथोसायनिन से भरपूर (90.0 मिलीग्राम/100 ग्राम)।
  • कंद उपज: 18.0 टन/हेक्टेयर।
  • शुष्क पदार्थ: 24.0–25.5%।
  • स्टार्च की मात्रा: 19.5%।
  • कुल शर्करा: 1.9–2.2%।
  • लवणता के तनाव को सहन करने में सक्षम।

 

रतालू (ग्रेटर याम)

 

Da-40

  • एंथोसायनिन (141.4 मिलीग्राम/100 ग्राम), लौह (136.2 ppm) तथा कैल्शियम (1890 ppm) से भरपूर।
  • कंद उपज: 80.0 टन/हेक्टेयर।
  • परिपक्वता अवधि: 240–270 दिन।

 

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