कृषि शिक्षा प्रभाग

दृष्टिकोण

  • भारत में उच्च कृषि शिक्षा का सुदृढ़ीकरण और विकास।
  • कृषि विज्ञान में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए मानव संसाधन विकास।
  • शिक्षण, अनुसंधान तथा आउटरीच गतिविधियों में नवोन्मेषी दृष्टिकोणों के माध्यम से कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।

अधिदेश

  • देश में कृषि शिक्षा की योजना बनाना, उसे बढ़ावा देना और समन्वय करना।
  • देश में उच्च कृषि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बढ़ाना।
  • कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन विकसित करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय प्रणाली को सुदृढ़ करना।

कृषि शिक्षा प्रभाग का परिचय

कृषि शिक्षा प्रभाग, भाकृअनुप देश में कृषि क्षेत्र की भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए कृषि-आपूर्ति श्रृंखला में मानव संसाधनों की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु उच्च कृषि शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ और सुव्यवस्थित करने में संलग्न है। इसके लिए भारत में उच्च कृषि शिक्षा में नियमित योजना, विकास, समन्वय और गुणवत्ता आश्वासन की आवश्यकता है।

प्रभाग भाकृअनुप-कृषि विश्वविद्यालयों (एयू) की प्रणाली की भागीदारी और प्रयासों के माध्यम से उच्च कृषि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बनाए रखने तथा उन्नत करने का प्रयास करता है। इस प्रणाली में निम्नलिखित संस्थान शामिल हैं:

  • राज्य कृषि विश्वविद्यालय (62)
  • डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय (5)
  • केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (2)
  • कृषि संकाय वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय (4)

संगठनात्मक संरचना

प्रभाग का नेतृत्व उप महानिदेशक करते हैं। प्रभाग के अंतर्गत तीन अनुभाग हैं, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक सहायक महानिदेशक (ADG) करते हैं। ये अनुभाग निम्नलिखित हैं:

  1. शिक्षा योजना एवं गृह विज्ञान (EP & HS)
  2. मानव संसाधन विकास (HRD)
  3. शिक्षा गुणवत्ता आश्वासन एवं सुधार (EQA&R)

प्रभाग के अंतर्गत संस्थान

भाकृअनुप के निम्नलिखित तीन संस्थान भी कृषि शिक्षा प्रभाग के अंतर्गत आते हैं:

  1. राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) — हैदराबाद
  2. राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र एवं नीति अनुसंधान संस्थान (NIAP) — नई दिल्ली

प्रमुख योजनाएँ एवं गतिविधियाँ

कृषि शिक्षा प्रभाग अपने तीन अनुभागों के माध्यम से देश में उच्च कृषि शिक्षा को समर्थन देने तथा सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ संचालित करता है, जिनका विवरण नीचे दिया गया है।

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